दिल्ली की मुलाकात, छत्तीसगढ़ में हलचल! साय से मिले तोखन साहू, प्रदेशाध्यक्ष को लेकर बढ़ी अटकलें

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ भाजपा में प्रदेशाध्यक्ष को लेकर चल रही सियासी चर्चाओं के बीच केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू की मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में नई हलचल पैदा कर दी है। हालांकि मुलाकात को आधिकारिक तौर पर सौजन्य भेंट और प्रदेश के विकास एवं जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा बताया गया है, लेकिन मौजूदा सियासी परिस्थितियों में इस मुलाकात के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।
तोखन साहू और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब भाजपा में प्रदेश संगठन के नेतृत्व को लेकर अटकलों का दौर जारी है। ऐसे में केंद्रीय राज्यमंत्री का मुख्यमंत्री से मिलना महज औपचारिक मुलाकात है या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संदेश है, इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
प्रदेशाध्यक्ष की रेस में नाम की चर्चा
भाजपा के नए प्रदेशाध्यक्ष को लेकर कई नामों की चर्चा के बीच तोखन साहू का नाम भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा में है। साहू वर्तमान में केंद्र सरकार में राज्य मंत्री हैं और छत्तीसगढ़ की राजनीति में उनकी सक्रियता को देखते हुए संगठन के भीतर उनकी भूमिका को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।
हालांकि, पार्टी की ओर से प्रदेशाध्यक्ष पद को लेकर किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में साय से साहू की मुलाकात को सीधे तौर पर प्रदेशाध्यक्ष पद से जोड़ना जल्दबाजी होगी, लेकिन यह मुलाकात उस समय जरूर हुई है जब संगठनात्मक बदलाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं गर्म हैं।
मुलाकात में विकास की बात, सियासत में संगठन की चर्चा
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक दोनों नेताओं ने छत्तीसगढ़ के विकास, जनहित और केंद्र-राज्य समन्वय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को गति देने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
मुलाकात के दौरान तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ठाकुर की मौजूदगी ने भी राजनीतिक चर्चा को और दिलचस्प बना दिया है।
फिलहाल सवाल यही है कि यह मुलाकात सिर्फ विकास और जनहित तक सीमित थी या भाजपा के संगठनात्मक भविष्य को लेकर भी कोई राजनीतिक संदेश इसमें छिपा है? प्रदेशाध्यक्ष पद को लेकर फैसला होने तक ऐसी मुलाकातों और राजनीतिक समीकरणों पर नजर बनी रहेगी।
