ईंधन संकट पर PM मोदी की बड़ी बैठक: ईंधन सप्लाई से लेकर महंगाई तक राज्यों को दिए सख्त निर्देश

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शुक्रवार शाम देशभर के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, खासकर Iran और Israel के बीच चल रहे संघर्ष के भारत पर संभावित असर की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में ईंधन आपूर्ति, लॉजिस्टिक्स, जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता और कीमतों पर नियंत्रण को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए भारत को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने राज्यों से कहा कि पेट्रोल-डीजल की सप्लाई में किसी भी तरह की बाधा न आने दी जाए और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
लिए गए प्रमुख निर्णय और निर्देश
1. ईंधन सप्लाई पर कड़ी निगरानी
राज्यों को निर्देश दिए गए कि पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता हर हाल में बनी रहे। ऑयल कंपनियों के साथ समन्वय बढ़ाने और स्टॉक की नियमित समीक्षा करने को कहा गया।
2. जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती
प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि कोई भी व्यापारी कृत्रिम कमी पैदा कर कीमतें बढ़ाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
3. आवश्यक वस्तुओं की कीमत पर नियंत्रण
खाद्यान्न, गैस सिलेंडर और अन्य जरूरी सामान की कीमतों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए। राज्यों को स्थानीय स्तर पर बाजार मॉनिटरिंग बढ़ाने को कहा गया।
4. वैकल्पिक आपूर्ति चैनल तैयार रखने के निर्देश
अगर अंतरराष्ट्रीय सप्लाई प्रभावित होती है, तो वैकल्पिक स्रोतों से आयात सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य मिलकर काम करेंगे।
5. परिवहन और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने पर जोर
राज्यों को कहा गया कि ट्रांसपोर्ट नेटवर्क सुचारू रहे ताकि किसी भी स्थिति में सप्लाई चेन प्रभावित न हो।
6. अफवाहों पर रोक लगाने के निर्देश
सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को रोकने और लोगों को सही जानकारी देने के लिए राज्यों को सक्रिय रहने को कहा गया।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा कि “देश में किसी भी चीज की कमी नहीं है, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए हमें पहले से तैयारी रखनी होगी।” उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया।










