पंडित सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय का सातवां दीक्षांत समारोह 3 नवंबर को, CM साय-राज्यपाल होंगे शामिल; 72 मेधावियों को 119 गोल्ड मेडल, 24,800 विद्यार्थियों को मिलेगी डिग्री

इस बार का दीक्षांत समारोह इसलिए भी खास है क्योंकि विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ समाज, संस्कृति और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली पांच विभूतियों को पंडित सुंदरलाल शर्मा संस्कृति रत्न सम्मान देने का फैसला किया है।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होने वाले समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति रमेन डेका करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे।
समारोह में हरियाणा उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर कैलाश चंद्र शर्मा दीक्षांत वक्ता होंगे, जबकि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) के अध्यक्ष प्रोफेसर नागेश्वर राव दीक्षांत अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा विशिष्ट अतिथि होंगे। इसके अलावा विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धरमजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव और दिलीप लहरिया सहित कई जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
पांच विभूतियों को मिलेगा संस्कृति रत्न सम्मान
इस समारोह का एक प्रमुख आकर्षण पांच विभूतियों को दिया जाने वाला पंडित सुंदरलाल शर्मा संस्कृति रत्न सम्मान होगा।
सम्मानित होने वालों में बस्तर के ग्रीन वॉरियर दामोदर कश्यप, वनवासी बच्चों की शिक्षा के लिए समर्पित पुरुषोत्तम लाल उरांव, पद्मश्री डॉ. उषा बारले, रामनामी संप्रदाय की गुरु माता सेतू बाई रामनामी और गूलाराम रामनामी शामिल हैं।
दामोदर कश्यप ने करीब 500 एकड़ क्षेत्र में जंगल विकसित कर पर्यावरण संरक्षण की मिसाल पेश की है। वहीं, डॉ. उषा बारले ने पंडवानी और पंथी गायन के जरिए छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को पहचान दिलाई है। पुरुषोत्तम लाल उरांव ने वनवासी बच्चों की शिक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया है।
समारोह के दौरान दामोदर कश्यप के विद्यालय के 311 बच्चों को स्कूल बैग और स्टेशनरी सामग्री भी वितरित की जाएगी। राज्यपाल 10 विद्यार्थियों को सम्मानित करेंगे।
गणित की तीन छात्राओं को मिलेंगे चार-चार गोल्ड मेडल
दीक्षांत समारोह में सबसे खास उपलब्धियों में गणित विषय की तीन छात्राओं की सफलता भी शामिल है। आसमा मरपल्ली, सीपी अभिलाषा सिंह और पुष्पलता नायक ने अपने-अपने शैक्षणिक सत्र में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। तीनों छात्राओं को चार-चार स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। कुल 72 मेधावी विद्यार्थियों को मिलने वाले 119 स्वर्ण पदकों में 14 दानदाताओं की ओर से स्थापित स्मृति स्वर्ण पदक भी शामिल हैं।
नई वेबसाइट और पोर्टल भी होगा लॉन्च
दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय का नया पोर्टल और वेबसाइट भी लॉन्च किया जाएगा। आयोजन के लिए विश्वविद्यालय परिसर में विशाल वाटरप्रूफ डोम तैयार किया जा रहा है।
2 नवंबर को दोपहर 2 बजे समारोह की पूर्वाभ्यास प्रक्रिया आयोजित होगी। इसमें पीएचडी और गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थी शामिल होंगे। कुलपति प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार सारस्वत समारोह में विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।
बिलासपुर के लिए यह आयोजन सिर्फ एक औपचारिक दीक्षांत समारोह नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, उपलब्धियों और भविष्य के सपनों को सम्मान देने का अवसर होगा।
