मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना; मेहनत की कमाई, बच्चों के सपनों को छात्रवृत्ति का सहारा; राजेश पाण्डेय के दो बच्चों की पढ़ाई हुई आसान

रायपुर, 1 अक्टूबर 2026। दिनभर मेहनत-मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाने वाले निर्माण श्रमिक राजेश कुमार पाण्डेय के लिए बच्चों की पढ़ाई हमेशा प्राथमिकता रही है। सीमित आमदनी के बीच शिक्षा का खर्च उठाना आसान नहीं था, लेकिन मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना ने उनके परिवार की इस चिंता को कुछ कम किया है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड के ग्राम पंचायत बचरवार निवासी पाण्डेय के दो बच्चों को योजना का लाभ मिल रहा है।
राजेश कुमार पाण्डेय निर्माण श्रमिक के रूप में काम करते हैं। उनकी आमदनी से घर की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के साथ बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में छात्रवृत्ति के रूप में मिली आर्थिक सहायता ने बच्चों की शिक्षा से जुड़े खर्चों को संभालने में परिवार को मदद दी है।
बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक मदद
छत्तीसगढ़ श्रम विभाग के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के प्रथम दो बच्चों के लिए संचालित है। विभाग के अनुसार योजना के तहत 1,000 से 10,000 रुपये तक की सहायता राशि दी जाती है।
राजेश पाण्डेय के दोनों बच्चों को योजना का लाभ मिलने से शिक्षा से जुड़े खर्चों में आर्थिक सहयोग मिला है। परिवार का कहना है कि इससे बच्चों की पढ़ाई लगातार जारी रखने का भरोसा बढ़ा है।
सीमित आय के बीच बड़ा सपना
राजेश पाण्डेय के लिए बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाना सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि भविष्य का सपना है। उनका कहना है कि मजदूरी से होने वाली सीमित आय में घर चलाने के साथ बच्चों की पढ़ाई का खर्च कई बार चिंता बढ़ा देता था। छात्रवृत्ति मिलने से इस आर्थिक दबाव को कम करने में मदद मिली है।
अब परिवार बच्चों की पढ़ाई को बिना रुकावट जारी रखने और उन्हें आगे बढ़ाने की उम्मीद के साथ आगे बढ़ रहा है।
योजना बनी श्रमिक परिवारों के लिए सहारा
मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना वर्तमान में छत्तीसगढ़ श्रम विभाग की सक्रिय योजनाओं में शामिल है। विभाग के पोर्टल पर इसके लिए पंजीकृत निर्माण श्रमिक के प्रथम दो बच्चों को पात्र बताया गया है।
ग्राम बचरवार के राजेश पाण्डेय का परिवार इस योजना से मिलने वाली सहायता का एक उदाहरण है। आर्थिक रूप से सीमित संसाधनों वाले परिवारों के लिए बच्चों की शिक्षा का खर्च संभालने में ऐसी सहायता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
योजना का लाभ मिलने पर राजेश पाण्डेय ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई का खर्च बड़ी जिम्मेदारी है और छात्रवृत्ति जैसी सहायता इस जिम्मेदारी को निभाने में सहयोग देती है।
