17 केस, 6 जिलों से जिला बदर! कौन है मोनिका सचदेव, जेल में महिला प्रहरी से मारपीट का भी आरोप

रायपुर, 1 अक्टूबर 2026। रायपुर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर मोनिका सचदेव के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए उसे रायपुर समेत छह जिलों की राजस्व सीमा से दो महीने के लिए जिला बदर कर दिया है। पुलिस के अनुसार, मोनिका के खिलाफ वर्ष 2005 से अब तक 17 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें मारपीट, अवैध वसूली, लूट, आबकारी और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं।
लेकिन जिला बदर की कार्रवाई के बाद सवाल उठ रहा है कि आखिर कौन है मोनिका सचदेव, जिसके खिलाफ पुलिस को यह सख्त कदम उठाना पड़ा?
पुलिस के मुताबिक मोनिका सचदेव टिकरापारा थाना क्षेत्र की सक्रिय गुंडा-बदमाश और गैंग हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ सिटी कोतवाली, टिकरापारा, गोलबाजार और सिविल लाइन थानों में वर्ष 2005 से अलग-अलग समय पर कुल 17 प्रकरण दर्ज हुए हैं।
इन मामलों में मारपीट, धमकी, अवैध वसूली, लूट के आरोपों के साथ आबकारी अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले भी शामिल हैं।
रावतपुरा कॉलोनी में भय का माहौल होने का पुलिस का दावा
पुलिस उपायुक्त पश्चिम क्षेत्र की रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच की गई। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मोनिका की गतिविधियों को लेकर रावतपुरा कॉलोनी क्षेत्र में भय का माहौल होने और लोगों के शिकायत करने से डरने की बात सामने आई।
इसी आधार पर पुलिस कमिश्नर रायपुर ने 30 सितंबर 2026 को जिला बदर का आदेश जारी किया। कार्रवाई छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(क)(ख) के तहत की गई है।
किन 6 जिलों में नहीं कर सकेगी प्रवेश?
आदेश के मुताबिक मोनिका सचदेव को रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार और गरियाबंद की राजस्व सीमाओं से दो माह के लिए बाहर रहने का आदेश दिया गया है।
जेल में महिला प्रहरी से मारपीट का भी मामला
पुलिस से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ वर्ष पहले जेल के भीतर अनुशासन को लेकर महिला जेल प्रहरी और मोनिका सचदेव के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान महिला प्रहरी माधुरी वर्मा के साथ मारपीट की गई, जिससे उनके हाथ में चोट आई और प्लास्टर लगाना पड़ा। इस मामले में भी पुलिस कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।
पुलिस की सख्ती, आगे भी कार्रवाई के संकेत
मोनिका सचदेव पर हुई जिला बदर की कार्रवाई को रायपुर कमिश्नरेट की आदतन अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के क्रम में देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था और आम लोगों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
