जंगल से कैमरे तक…सुकमा की 9 आत्मसमर्पित महिलाओं की बदलेगी पहचान, हिंदी फिल्म में मिलेगा अभिनय का मौका..CM साय ने जताई खुशी

रायपुर, 1 अक्टूबर 2026। कभी नक्सल संगठन से जुड़ी रहीं सुकमा की 9 आत्मसमर्पित महिलाएं अब कैमरे के सामने अपनी नई पहचान बनाने की तैयारी में हैं। इन महिलाओं को एक आगामी हिंदी फिल्म में अभिनय का मौका मिलने जा रहा है। फिल्म निर्देशक आकाशदित्य लामा ने उन्हें फिल्म से जोड़ने की पहल की है। शूटिंग से पहले ऑडिशन और करीब 10 से 15 दिन की एक्टिंग वर्कशॉप होगी, जिसके बाद भूमिकाएं तय की जाएंगी।
फिल्म में अभिनय करने से पहले सभी 9 महिलाओं का ऑडिशन लिया जाएगा। इसके बाद चयनित महिलाओं को एक्टिंग की बुनियादी ट्रेनिंग दी जाएगी। करीब 10 से 15 दिनों की वर्कशॉप में संवाद बोलने, कैमरे के सामने सहज रहने और अभिनय की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
फिल्म की शूटिंग नवंबर-दिसंबर के दौरान प्रस्तावित है। इसका कुछ हिस्सा सुकमा समेत छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में फिल्माए जाने की संभावना है।
आत्मसमर्पण के बाद नई राह, अब हुनर को मिलेगा मंच
इन महिलाओं के लिए यह सिर्फ फिल्म में काम करने का अवसर नहीं, बल्कि आत्मसमर्पण के बाद शुरू हुई नई जिंदगी में एक अलग कदम भी है। मुख्यधारा में लौटने के बाद अब उन्हें अभिनय जैसे नए क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है।
सुकमा की इन महिलाओं को इससे पहले भी सार्वजनिक मंच पर अपनी नई पहचान दिखाने का अवसर मिला है। अगस्त 2026 में नौ आत्मसमर्पित महिलाओं ने रायपुर में हथकरघा परिधानों के साथ रैंप वॉक किया था।
सीएम साय ने जताई खुशी
आत्मसमर्पित महिलाओं को फिल्म में अभिनय का अवसर मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि बस्तर में प्रतिभाओं की कमी नहीं है और यहां की बेटियां विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने की क्षमता रखती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए अवसर और मंच मिलने से क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा होंगी।
बस्तर की कहानी का एक नया अध्याय
सुकमा की इन 9 महिलाओं का फिल्म से जुड़ना उनके जीवन में आए बदलाव की एक अलग तस्वीर सामने ला रहा है। अभी यह तय होना बाकी है कि ऑडिशन के बाद किस महिला को कौन-सी भूमिका मिलेगी, लेकिन कैमरे के सामने पहुंचने की तैयारी ने उनके जीवन में एक नया अध्याय जरूर खोल दिया है।
नवंबर-दिसंबर में प्रस्तावित शूटिंग के साथ अब नजर इस बात पर होगी कि सुकमा की ये महिलाएं कैमरे के सामने अपनी नई पहचान किस तरह गढ़ती हैं।
