विधायक और तहसीलदार विवाद: दो समर्थकों ने किया सरेंडर, प्रशासन और विधायक के बीच बातचीत के बाद बनी सहमति, थाने से ही चेकलिस्ट पर छोड़ा गया
सूरजपुर, 6 जून 2026। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के बीच हुए विवाद के मामले में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। विधायक के दो समर्थकों पंकज गुप्ता और नाजिम रजा ने सीतापुर थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर के बाद पुलिस ने दोनों को औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर चेकलिस्ट पर छोड़ दिया।
गौरतलब है कि इस मामले में विधायक और उनके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदेशभर के राजस्व अधिकारी-कर्मचारी आंदोलन और हड़ताल पर थे। विवाद के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच लगातार बातचीत का दौर चल रहा था। बताया जा रहा है कि कलेक्टर, एसपी और विधायक रामकुमार टोप्पो के बीच हुई लंबी चर्चा के बाद समाधान का रास्ता निकला, जिसके तहत दोनों समर्थकों ने थाने में सरेंडर किया।

सूत्रों के मुताबिक, नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी और एसडीएम फगेश सिन्हा को सीतापुर से हटाने को लेकर भी सहमति बनी है। इस पूरे मामले में विधायक रामकुमार टोप्पो समेत उनके समर्थकों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था।
क्या था पूरा विवाद?
जानकारी के अनुसार, विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन किसी शासकीय कार्य से नायब तहसीलदार कार्यालय पहुंची थीं। वहां किसी दस्तावेज और प्रक्रिया को लेकर उनकी अधिकारी से बहस हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद इतना बढ़ गया कि कथित तौर पर अधिकारी ने फाइल फेंक दी और महिला को कार्यालय से बाहर जाने के लिए कह दिया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद विधायक समर्थक भी मौके पर पहुंच गए, जहां दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद हाथापाई की स्थिति बन गई। इसके बाद राजस्व अधिकारियों और विधायक समर्थकों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक तूल पकड़ लिया, जिसके चलते प्रदेशभर के राजस्व अधिकारी-कर्मचारी आंदोलन पर उतर आए थे।
अब समर्थकों के सरेंडर और प्रशासनिक स्तर पर हुई चर्चा के बाद मामले के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में कदम बढ़ते नजर आ रहे हैं।











