वैश्विक शोध और तकनीकी नवाचार का संगम बना KalingaConf 2026, 170 शोध-पत्रों की हुई प्रस्तुति

नया रायपुर, 27 जुलाई। कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर में IEEE स्टूडेंट ब्रांच द्वारा 24 से 26 जुलाई तक आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “कलिंगा कॉन्फ्रेंस ऑन कम्युनिकेशन एंड कंप्यूटिंग (KalingaConf 2026)” का सफल समापन हुआ। IEEE मध्य प्रदेश सेक्शन के तकनीकी प्रायोजन में आयोजित इस सम्मेलन में भारत सहित कई देशों के शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और विद्यार्थियों ने भाग लेकर अत्याधुनिक तकनीकों पर अपने शोध और अनुभव साझा किए।
सम्मेलन का उद्देश्य कम्युनिकेशन, कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), क्लाउड कंप्यूटिंग और अन्य उभरती इंजीनियरिंग तकनीकों में अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करना रहा। तीन दिनों तक चले इस आयोजन ने शोधकर्ताओं और उद्योग जगत को एक साझा मंच उपलब्ध कराया, जहां तकनीकी चुनौतियों के समाधान और भविष्य की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा हुई।
उद्घाटन सत्र में कुलपति डॉ. आर. श्रीधर ने अनुसंधान आधारित शिक्षा, नवाचार और उद्योग-अकादमिक सहयोग को भविष्य के इंजीनियरों के लिए आवश्यक बताया। वहीं उप-कुलपति डॉ. मोनिका शर्मा सेठी ने प्रतिभागियों को वैश्विक शोध संस्कृति से जुड़ने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी ने तेजी से बदलती तकनीकों के बीच निरंतर सीखने और शोध की आवश्यकता पर बल दिया।
सम्मेलन की जनरल चेयर एवं IEEE स्टूडेंट ब्रांच काउंसलर डॉ. विजयलक्ष्मी बिरादार ने बताया कि दुनिया भर से 28 से अधिक तकनीकी ट्रैकों में 2,165 से अधिक शोध-पत्र प्राप्त हुए। 389 विशेषज्ञ समीक्षकों द्वारा मूल्यांकन के बाद 170 उत्कृष्ट शोध-पत्रों का चयन प्रस्तुति के लिए किया गया। सम्मेलन के सफल संचालन में 32 से अधिक सेशन चेयर्स और 28 से अधिक सेशन कोऑर्डिनेटर्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उद्घाटन समारोह में सम्मेलन कार्यवाही (Conference Proceedings) का विमोचन भी किया गया, जो गुणवत्तापूर्ण शोध और प्रकाशन के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा।
सम्मेलन के दौरान अमेरिका सहित विभिन्न देशों से आए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने की-नोट व्याख्यान दिए। वक्ताओं ने डेटा गवर्नेंस, IoT, क्लाउड टेक्नोलॉजी, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, एंटरप्राइज सॉल्यूशंस, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और सूचना प्रौद्योगिकी के नवीनतम रुझानों पर अपने विचार साझा किए। इन व्याख्यानों ने शोधार्थियों और विद्यार्थियों को नई तकनीकों और वैश्विक अवसरों की जानकारी प्रदान की।
तीन दिनों तक तकनीकी सत्र, शोध-पत्र प्रस्तुतियां, संवादात्मक चर्चाएं और नेटवर्किंग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे अकादमिक संस्थानों और उद्योग जगत के बीच सहयोग को नई दिशा मिली।
समापन अवसर पर सहायक प्राध्यापक एवं आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. अनीता वर्मा ने सभी मुख्य अतिथियों, की-नोट वक्ताओं, आयोजन समिति, तकनीकी विशेषज्ञों, IEEE स्टूडेंट ब्रांच के छात्र स्वयंसेवकों, प्रतिभागियों तथा IEEE मध्य प्रदेश सेक्शन का आभार व्यक्त किया।
आयोजकों के अनुसार, KalingaConf 2026 ने शोध, नवाचार, व्यावसायिक विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सम्मेलन से प्राप्त अनुभव और विचार भविष्य में तकनीकी अनुसंधान तथा समाज के सतत विकास के लिए नई प्रेरणा प्रदान करेंगे।