हाथों में कटोरा लेकर भीख मांगने सड़क पर उतरे अतिथि शिक्षक, आंदोलन के 8वें दिन अनोखा प्रदर्शन; मंत्री का पुराना वादा याद दिला खोला मोर्चा
दुर्ग, 8 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन अब निर्णायक दौर में पहुंचता दिखाई दे रहा है। आंदोलन के आठवें दिन दुर्ग में अतिथि शिक्षकों ने हाथों में कटोरा लेकर भीख मांगकर राज्य सरकार के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्षों तक सरकारी स्कूलों में बच्चों को शिक्षा देने के बाद आज उन्हें अपने अधिकार और सम्मान की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।
भीषण गर्मी और बीच-बीच में हो रही बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक धरना स्थल पर डटे हुए हैं। आंदोलन में महिला शिक्षिकाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी है। कई शिक्षिकाएं अपने छोटे बच्चों के साथ धरना स्थल पर मौजूद हैं और नियमितीकरण की मांग को लेकर सरकार से निर्णय लेने की अपील कर रही हैं।
शिक्षा मंत्री के पुराने वादे की दिलाई याद
प्रदर्शन के दौरान अतिथि शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के उस पुराने अनुशंसा पत्र का बड़ा पोस्टर भी प्रदर्शित किया, जिसमें विपक्ष में रहते हुए नियमितीकरण के समर्थन की बात कही गई थी। शिक्षकों का आरोप है कि सत्ता में आने के बाद सरकार और जनप्रतिनिधि अपने वादों से पीछे हट गए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार को चुनाव से पहले किए गए वादों को निभाना चाहिए और वर्षों से सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों को नियमित करने का निर्णय लेना चाहिए।
‘यह सिर्फ नौकरी नहीं, सम्मान की लड़ाई है’
धरना स्थल पर मौजूद कई शिक्षकों ने कहा कि वे अपने परिवार, छोटे बच्चों और गर्भवती पत्नी को घर पर छोड़कर आंदोलन में शामिल हुए हैं। उनका कहना है कि यह केवल रोजगार का मुद्दा नहीं, बल्कि उनके सम्मान, भविष्य और परिवार की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है।
शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सरकारी स्कूलों में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायी नियुक्ति नहीं मिली, जिससे उनका भविष्य असुरक्षित बना हुआ है।
सरकार से निर्णय तक आंदोलन रहेगा जारी
अतिथि शिक्षकों ने साफ कहा कि जब तक नियमितीकरण सहित उनकी मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि खुले आसमान के नीचे उनकी यह “तपस्या” लगातार जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने सरकार से जल्द बातचीत कर समस्या का स्थायी समाधान निकालने और लंबे समय से लंबित नियमितीकरण की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।

