पिता ड्राइवर, बेटा IIT Bombay टॉपर… KBC में छत्तीसगढ़ के योगेश ने जीते 50 लाख, IAS बनने की चाहत में लाखों की नौकरी छोड़ी

मुंबई/भाटापारा, 20 अगस्त 2026। ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ के लेटेस्ट एपिसोड में छत्तीसगढ़ के भाटापारा निवासी 23 वर्षीय योगेश साहू ने अपनी प्रतिभा और संघर्ष की कहानी से अमिताभ बच्चन को भी प्रभावित किया। IIT Bombay से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने वाले योगेश अपने बैच के टॉपर रहे हैं। उन्होंने KBC की हॉट सीट पर शानदार खेल दिखाते हुए 50 लाख रुपये की रकम जीतकर गेम क्विट किया।
योगेश ने बताया कि उन्हें देश के प्रतिष्ठित IIT Bombay में पहले ही प्रयास में प्रवेश मिल गया था। पढ़ाई में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में टॉप किया।
कैंपस प्लेसमेंट के दौरान योगेश को करीब 1.5 लाख रुपये महीने की नौकरी का ऑफर मिला था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। उनका लक्ष्य UPSC की तैयारी कर IAS अधिकारी बनना है।
पिता हैं ड्राइवर, फिर भी बेटे के सपने को दी उड़ान
योगेश ने KBC में अपनी पारिवारिक परिस्थितियों के बारे में भी बताया। उनके पिता ड्राइवर हैं और उनकी मासिक कमाई करीब 20 हजार रुपये है। आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद योगेश के पिता ने बेटे के सपने को प्राथमिकता दी।
योगेश ने बताया कि जब उन्होंने अपने पिता से नौकरी को लेकर बात की तो पिता ने उन्हें UPSC की तैयारी जारी रखने के लिए कहा। योगेश के मुताबिक, उनके पिता चाहते थे कि बेटा अपने सपने को पूरा करे।
50 लाख के सवाल पर लगाई आखिरी लाइफलाइन
शो में योगेश के सामने 50 लाख रुपये का सवाल आया। स्क्रीन पर अलग-अलग शहरों के नाम और उनके सामने वर्ष दिए गए थे। विकल्पों में त्रिशूर, मैसूर, अल्मोड़ा और तिरुचिरापल्ली शामिल थे।
योगेश ने अपनी आखिरी लाइफलाइन ‘संकेत सूचक’ का इस्तेमाल किया। मिले संकेत से उन्होंने सवाल का कनेक्शन नोबेल पुरस्कार से जोड़ा और शहरों को संबंधित विजेताओं के जन्मस्थान के रूप में पहचान लिया। इसके बाद उन्होंने तिरुचिरापल्ली को सही जवाब चुना और 50 लाख रुपये जीत लिए।
1 करोड़ के सवाल पर नहीं लिया रिस्क
50 लाख रुपये जीतने के बाद योगेश के सामने 1 करोड़ रुपये का सवाल आया। हालांकि उन्होंने इस पड़ाव पर जोखिम नहीं लिया और 50 लाख रुपये लेकर गेम क्विट करने का फैसला किया।
अमिताभ बच्चन से बातचीत में योगेश ने कहा कि KBC उनकी जिंदगी में सही समय पर आया है। उन्होंने बताया कि उनके दोस्त अच्छी कमाई कर रहे हैं, जबकि वे UPSC की तैयारी के कारण परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में योगदान नहीं दे पा रहे थे।
योगेश ने कहा कि पिता ड्राइवर हैं और घर में योगदान नहीं दे पाने का उन्हें एहसास था। KBC से जीती रकम उनके परिवार की जिम्मेदारियों को कम करने में मदद करेगी।