2 अक्टूबर को ‘हर घर जल’ गांवों में होगा जल अर्पण, पंचायतों को सौंपी जाएंगी पूरी पेयजल योजनाएं
15 दिन का सफल ट्रायल रन पूरा करने वाले गांवों में होगा हस्तांतरण; विशेष ग्रामसभा में प्रमाणीकरण और हैंडओवर की प्रक्रिया होगी पूरी

रायपुर, 30 सितंबर 2026। गांधी जयंती के दिन छत्तीसगढ़ के ‘हर घर जल’ रिपोर्टेड गांवों में पेयजल योजनाओं के हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज होगी। जिन गांवों में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजनाओं का काम 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है और कम से कम 15 दिनों का सफल ट्रायल रन भी पूरा हो गया है, वहां 2 अक्टूबर को ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए पूर्ण योजनाएं संचालन के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों और समुदाय को सौंपी जाएंगी।
जल जीवन मिशन के संचालक ने सभी कलेक्टरों को परिपत्र जारी कर विशेष ग्रामसभा के दौरान अधिक से अधिक पात्र गांवों में जल अर्पण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
निर्देशों के मुताबिक जिन ‘हर घर जल’ रिपोर्टेड गांवों में पेयजल आपूर्ति योजनाओं का काम पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक हर घर जल प्रमाणीकरण नहीं हुआ है और योजनाएं ग्राम पंचायत या समुदाय को हस्तांतरित नहीं की गई हैं, वहां 15 दिनों का सफल ट्रायल रन पूरा कराया जाएगा।
इसके बाद निर्धारित मापदंडों का सत्यापन और जरूरी दस्तावेजीकरण पूरा कर हर घर जल प्रमाणीकरण तथा जल अर्पण दिवस के माध्यम से योजनाओं का औपचारिक हस्तांतरण किया जाएगा।
विशेष ग्रामसभा में होगा जल अर्पण
2 अक्टूबर को ग्राम पंचायतों में आयोजित विशेष ग्रामसभा के दौरान जल अर्पण कार्यक्रम करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को हैंडओवर प्रोटोकॉल के तहत सभी जरूरी मापदंडों का पहले से सत्यापन करने और दस्तावेजी प्रक्रिया समय-सीमा में पूरी करने को कहा गया है, ताकि ग्रामसभा में योजना हस्तांतरण और प्रमाणीकरण की कार्रवाई बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।
पानी की योजना के साथ रिकॉर्ड भी पंचायत को मिलेगा
जल अर्पण के जरिए जिन योजनाओं का हस्तांतरण किया जाएगा, उनकी अद्यतन प्रगति और रिकॉर्ड को भी डिजिटल सिस्टम में दर्ज करना अनिवार्य होगा।
इसके तहत पूर्णता प्रमाण-पत्र, O&M मैनुअल, As-built Drawings, जल गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट और Preventive Maintenance Schedule सहित जरूरी दस्तावेजों की एंट्री की जाएगी।
एक सप्ताह के भीतर IMIS पोर्टल पर करनी होगी एंट्री
जल जीवन मिशन ने कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि जल अर्पण कार्यक्रम के बाद संबंधित गांवों की सभी अद्यतन जानकारी, डेटा और रिपोर्ट को जल जीवन मिशन के IMIS पोर्टल के Jal Arpan Digital Module पर समयबद्ध तरीके से दर्ज किया जाए।
इन सभी प्रविष्टियों को कार्यक्रम के आयोजन के एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।
इस प्रक्रिया के बाद पूर्ण पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत एवं समुदाय के स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी।
