10 फीट ऊंचाई पर काम कर रहे इलेक्ट्रीशियन को लगा करंट, कपड़ों में लगी आग और नीचे गिरा; प्राइम इस्पात प्रबंधन पर FIR

रायपुर। उरला थाना क्षेत्र के ग्राम बाना स्थित प्राइम इस्पात लिमिटेड में काम के दौरान एक सहायक इलेक्ट्रीशियन करंट की चपेट में आकर करीब 10 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गया। करंट लगने से उसके कपड़ों में आग लग गई, जिससे शरीर के कई हिस्से झुलस गए। वहीं ऊंचाई से गिरने के कारण भी उसे गंभीर चोटें आई हैं। घायल कर्मचारी के बयान के आधार पर पुलिस ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ BNS की धारा 289 और 125(ए) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिजली सुधारने पोल पर चढ़ा था कर्मचारी
पुलिस के मुताबिक घायल की पहचान चंचल कुमार परगनिहा (35) निवासी ग्राम उफरा, थाना बेरला, जिला बेमेतरा के रूप में हुई है। चंचल पिछले करीब तीन महीने से प्राइम इस्पात लिमिटेड में सहायक इलेक्ट्रीशियन के पद पर काम कर रहा था। 10 अगस्त की रात उसकी ड्यूटी रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक थी।
चंचल ने पुलिस को बताया कि रात करीब 9:30 बजे वह अपने साथी खुबचंद वर्मा और धनेश्वर वर्मा के साथ एसएमएस विभाग में काम कर रहा था। इसी दौरान कंपनी की बिजली बंद हो गई। प्रबंधन के निर्देश पर बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने और ब्रेकर पैनल ठीक करने का काम शुरू किया गया।
इसी दौरान चंचल कंपनी के बिजली सब स्टेशन में एबी स्विच के पास पोल पर चढ़कर काम कर रहा था, जबकि उसके दोनों साथी नीचे मौजूद थे।
करंट लगते ही कपड़ों में लगी आग
रात करीब 11:30 बजे अचानक चंचल करंट की चपेट में आ गया। बिजली का झटका लगते ही उसके कपड़ों में आग लग गई और वह करीब 10 फीट की ऊंचाई से जमीन पर जा गिरा। साथियों ने किसी तरह उसके कपड़ों में लगी आग बुझाई और तत्काल उसे उपचार के लिए ममता सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, मोवा में भर्ती कराया।
चंचल के मुताबिक करंट लगने और आग की वजह से उसके दोनों हाथ, पेट, पीठ, चेहरा और कमर के ऊपरी हिस्से की त्वचा झुलस गई। वहीं नीचे गिरने से सिर, दाएं पैर की एड़ी और घुटने के आसपास भी चोटें आई हैं।
सुरक्षा उपकरण नहीं देने का आरोप
घायल कर्मचारी ने पुलिस को दिए बयान में कंपनी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि काम के दौरान उसे सुरक्षा जूते, दस्ताने, सेफ्टी बेल्ट समेत आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। चंचल के अनुसार, कार्यस्थल पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण यह हादसा हुआ।
अस्पताल में एमएलसी जांच के दौरान पुलिस ने घायल कर्मचारी का बयान दर्ज किया। प्रथम दृष्टया अपराध घटित पाए जाने पर पुलिस ने प्राइम इस्पात लिमिटेड, ग्राम बाना के प्रबंधन के खिलाफ देहाती नालसी दर्ज कर बाद में पृथक से अपराध पंजीबद्ध किया।
सुरक्षा इंतजामों की होगी जांच
एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस अब हादसे के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है। इसमें कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, बिजली के काम के दौरान अपनाए गए सुरक्षा मानकों, कर्मचारियों को उपलब्ध कराए गए सुरक्षा उपकरणों और कंपनी प्रबंधन की भूमिका की जांच की जाएगी।
पुलिस हादसे के संबंध में घायल कर्मचारी के साथ काम कर रहे कर्मचारियों और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज कर सकती है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दुर्घटना के लिए प्रबंधन की लापरवाही किस हद तक जिम्मेदार थी।
