छत्तीसगढ़ के आसमान में अब बढ़ेगी उड़ान! छोटे शहरों से दूरदराज इलाकों तक हवाई कनेक्टिविटी का रास्ता साफ, केंद्र-राज्य में बड़ा करार

मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण पर MOU | 100 एयरपोर्ट और 200 आधुनिक हेलीपैड के लक्ष्य से जुड़ेगा छत्तीसगढ़, बस्तर से सरगुजा-जशपुर तक पर्यटन, व्यापार और रोजगार को नई रफ्तार


रायपुर। छत्तीसगढ़ में हवाई कनेक्टिविटी को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण को लेकर केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच समझौता हुआ है। इस समझौते के साथ प्रदेश के छोटे शहरों और दूरस्थ इलाकों तक हवाई सेवाओं का नेटवर्क विस्तार करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।

छत्तीसगढ़ की ओर से इस समझौते पर विमानन सचिव मुकेश बंसल ने हस्ताक्षर किए हैं। योजना के तहत प्रदेश में नए हवाई संपर्क और हेली-कनेक्टिविटी विकसित करने की संभावनाओं पर काम तेज होगा।

अब दूरियां घटेंगी, कनेक्टिविटी बढ़ेगी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समझौते पर खुशी जताते हुए कहा है कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से छत्तीसगढ़ की दूरियां कम होंगी और विकास की रफ्तार बढ़ेगी। दूरस्थ क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी विकसित होने से पर्यटन, व्यापार और रोजगार को नए अवसर मिलने की उम्मीद है। खासकर ऐसे इलाके, जहां सड़क मार्ग से पहुंचने में लंबा समय लगता है, वहां हवाई संपर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

100 एयरपोर्ट और 200 आधुनिक हेलीपैड का बड़ा लक्ष्य

मॉडिफाइड उड़ान योजना के तहत केंद्र सरकार ने देशभर में 100 हवाई अड्डों और 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसका उद्देश्य छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना तथा आम लोगों के लिए हवाई यात्रा को अधिक सुलभ बनाना है। छत्तीसगढ़ जैसे भौगोलिक रूप से विस्तृत राज्य में इस योजना का प्रभाव कई क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।

बस्तर से सरगुजा-जशपुर तक पर्यटन को पंख

हवाई और हेली-कनेक्टिविटी का विस्तार होने से छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्रों को भी फायदा मिलने की संभावना है। बस्तर, सरगुजा और जशपुर जैसे इलाकों में पर्यटन की संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों तक हवाई पहुंच आसान होने से पर्यटकों, कारोबारियों और निवेश से जुड़े लोगों की आवाजाही बढ़ सकती है। इसका असर स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प, स्थानीय बाजार और अन्य सेवाओं पर भी पड़ सकता है।

मेडिकल इमरजेंसी से लेकर आपदा प्रबंधन तक फायदा

हेली-कनेक्टिविटी का महत्व सिर्फ पर्यटन तक सीमित नहीं है। दुर्गम क्षेत्रों में गंभीर मरीजों को तेजी से बड़े चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाने, प्राकृतिक आपदा या किसी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को गति देने में भी हेलीकॉप्टर सेवाएं उपयोगी हो सकती हैं।

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अब आगे क्या?

समझौते के बाद प्रदेश में नए हवाई अड्डों और हेलीपैड के लिए संभावित स्थानों की पहचान तथा विकास से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ऐसे में आने वाले समय में यह साफ होगा कि प्रदेश के किन शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों को इस विस्तार का सीधा लाभ मिलता है। यानी छत्तीसगढ़ में हवाई कनेक्टिविटी का दायरा अब बड़े शहरों से आगे छोटे शहरों और दूरस्थ इलाकों तक ले जाने की तैयारी शुरू हो गई है।

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