….जिस सड़क का ठेका पूर्व कांग्रेसी मंत्री की कंपनी को, उसी के खिलाफ कांग्रेस विधायक का मोर्चा! गड्ढों में रोपी धान, चक्काजाम से मचा हड़कंप
NH-45 की बदहाली पर अटल श्रीवास्तव का बड़ा प्रदर्शन, सैकड़ों समर्थकों के साथ सड़क पर उतरे; ठेकेदार-अफसरों की सांठगांठ का लगाया आरोप, सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में शुक्रवार को एक ऐसा प्रदर्शन चर्चा में रहा, जिसने कांग्रेस के भीतर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने रतनपुर-केंदा-केवची NH-45 की जर्जर सड़क के खिलाफ अपने समर्थकों और ग्रामीणों के साथ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बड़े-बड़े गड्ढों में बाकायदा धान की रोपाई कर सिस्टम पर तंज कसा। करीब दो घंटे तक चले धरना और चक्काजाम के बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा।
सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि जिस सड़क की हालत को लेकर कांग्रेस विधायक ने सड़क पर उतरकर विरोध किया, उसका निर्माण कार्य एक पूर्व कांग्रेसी मंत्री से जुड़ी कंपनी को मिलने की बात रिपोर्ट में सामने आई है। यही वजह है कि यह प्रदर्शन सामान्य सड़क आंदोलन के बजाय राजनीतिक रूप से भी काफी चर्चा में आ गया है।
गड्ढों में धान रोपकर जताया विरोध
रतनपुर-केंदा-केवची मार्ग की खराब हालत से नाराज विधायक अटल श्रीवास्तव सैकड़ों समर्थकों और स्थानीय ग्रामीणों के साथ सड़क पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बने गड्ढों और कीचड़ के बीच धान की रोपाई कर अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया।
विधायक का कहना है कि यह सड़क छत्तीसगढ़ को मध्य प्रदेश के जबलपुर से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय मार्ग है और इस पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। लेकिन सड़क की खराब हालत के कारण राहगीरों को परेशानी के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है।
सड़क निर्माण की रफ्तार पर भी सवाल
प्रदर्शन के दौरान विधायक ने आरोप लगाया कि सड़क का निर्माण बेहद धीमी गति से चल रहा है और कई हिस्सों में स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। बारिश के बाद सड़क पर कीचड़ और बड़े गड्ढों के कारण वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किए जाने और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के बीच सांठगांठ होने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। ये आरोप विधायक की ओर से लगाए गए हैं।
ठेका रद्द करने से लेकर ब्लैकलिस्ट तक की मांग
विधायक ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। इनमें सड़क के गड्ढों की तत्काल मरम्मत, निर्माण कार्य को समय-सीमा में पूरा करना और पूरी सड़क की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराना शामिल है।
इसके अलावा उन्होंने मापदंडों पर खरे नहीं उतरने की स्थिति में संबंधित ठेकेदार का ठेका निरस्त करने और ब्लैकलिस्ट करने की मांग भी की है। साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई है।
प्रशासन मौके पर पहुंचा, सौंपा गया ज्ञापन
करीब दो घंटे तक चले धरना और चक्काजाम के बाद तखतपुर एसडीएम नितिन तिवारी, रतनपुर तहसीलदार और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के कार्यपालन अभियंता मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों की ओर से कलेक्टर के नाम मांग पत्र सौंपा गया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
मांग पूरी नहीं हुई तो बड़े आंदोलन का अल्टीमेटम
अटल श्रीवास्तव ने प्रशासन और NHAI को चेतावनी दी कि यदि सड़क की स्थिति सुधारने और उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो कोटा विधानसभा क्षेत्र में इससे भी बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
इस प्रदर्शन में रतनपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष अग्रवाल सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
अब सवाल सड़क से ज्यादा सियासत का
NH-45 की बदहाली को लेकर हुआ यह प्रदर्शन अब केवल सड़क निर्माण का मुद्दा नहीं रह गया है। एक तरफ कांग्रेस विधायक अपनी ही पार्टी के पूर्व मंत्री से जुड़ी कंपनी को मिले ठेके वाली सड़क की खराब हालत के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं, तो दूसरी तरफ निर्माण की गुणवत्ता और अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में जांच और कार्रवाई को लेकर क्या कदम उठाता है और NH-45 के गड्ढों से परेशान लोगों को सड़क की बदहाली से कब राहत मिलती है।
