CM Vishnu Deo Sai ने युवाओं से किया संवाद, संघर्ष से रोजगार और AI मिशन तक रखी बात

मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के द्वितीय बैच के 36 युवाओं से मुख्यमंत्री ने किया आत्मीय संवाद


रायपुर, 9 अक्टूबर 2026। गांव के एक साधारण परिवार से निकलकर सरपंच, विधायक, सांसद, केंद्रीय राज्यमंत्री और मुख्यमंत्री तक का सफर तय करने वाले विष्णु देव साय ने शुक्रवार को अपने जीवन के संघर्षों को याद किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि महज 10 वर्ष की उम्र में पिता के आकस्मिक निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। उन्होंने खेती-बाड़ी के काम संभाले और बैलों से हल चलाने तक का काम किया। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के द्वितीय बैच के 36 युवा प्रतिभागियों से संवाद के दौरान उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए युवाओं को निष्ठा, ईमानदारी और जनसेवा का मंत्र दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। युवाओं को फेलोशिप के अवसर का उपयोग केवल शासन की कार्यप्रणाली समझने के लिए नहीं, बल्कि अपने ज्ञान, कौशल और नए विचारों से आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करना चाहिए।

सरपंच से मुख्यमंत्री तक का सफर, संघर्ष ने सिखाई जिम्मेदारी

संवाद के दौरान युवाओं ने मुख्यमंत्री से उनके व्यक्तिगत जीवन, संघर्ष और सार्वजनिक जीवन की यात्रा के बारे में सवाल किए। इस पर मुख्यमंत्री साय ने अपने बचपन के अनुभव साझा किए।

उन्होंने बताया कि लगभग 10 वर्ष की उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। चार भाइयों में सबसे बड़े होने के कारण मां, दादी और छोटे भाइयों की देखभाल के साथ खेती-बाड़ी के काम भी करने पड़े। उन्होंने स्वयं बैलों से हल चलाया और खेती के विभिन्न कार्यों में हाथ बंटाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परिस्थितियों ने उन्हें कम उम्र में ही मेहनत, जिम्मेदारी और कठिनाइयों का सामना करना सिखाया। उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि वे गांव के सरपंच बनेंगे, लेकिन निर्विरोध सरपंच चुने जाने के बाद जनसेवा की यात्रा आगे बढ़ती गई। इसके बाद उन्हें विधायक, सांसद, केंद्रीय राज्यमंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में काम करने का अवसर मिला।

उन्होंने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव को याद करते हुए उनके धैर्य, सहजता और आत्मीय व्यवहार को अपने लिए प्रेरणादायक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के बीच रहना, लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनना और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध रहना उनके सार्वजनिक जीवन का आधार रहा है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

‘युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति’, विकसित छत्तीसगढ़ में युवाओं की भूमिका अहम

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी। युवाओं के पास शिक्षा, ऊर्जा, प्रतिभा और नए विचारों की ताकत है। इन क्षमताओं का उपयोग जब जनकल्याण और समाज की बेहतरी के लिए किया जाता है, तो बड़े बदलाव की राह बनती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ भी विकसित प्रदेश बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। युवा फेलो को अपनी क्षमताओं को लगातार निखारने, नए विचार सामने लाने और शासन-प्रशासन के साथ काम करते हुए जनहित से जुड़े व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिलों में काम करते समय स्थानीय परिस्थितियों और लोगों की वास्तविक जरूरतों को समझना सबसे जरूरी होगा। योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जनसेवाओं में सुधार के लिए आंकड़ों, प्रमाणों और मैदानी अनुभव के आधार पर सुझाव देने चाहिए।

रोजगार से लेकर उद्यमिता तक, युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता युवाओं को शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराना है, ताकि वे बदलती अर्थव्यवस्था और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार हो सकें।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में लाइवलीहुड कॉलेजों के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं, 30 आईटीआई का उन्नयन कर उन्हें उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले लगभग ढाई वर्षों में 700 से अधिक रोजगार मेलों के माध्यम से करीब 24 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। रायपुर में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेले में 95 से अधिक नियोक्ताओं ने भाग लिया और लगभग पांच हजार युवाओं को रोजगार के अवसर मिले।

उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप प्रदेश में ही बेहतर अवसर मिलें। युवा केवल नौकरी पाने वाले ही नहीं, बल्कि उद्यम स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने वाले भी बनें।

निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारना सरकार का लक्ष्य

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल निवेश प्रस्ताव प्राप्त करना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक परियोजनाओं और रोजगार के अवसरों में बदलना है। नई औद्योगिक नीति में स्थानीय युवाओं के रोजगार और उद्यमिता को प्राथमिकता दी गई है। महिला उद्यमियों तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने हाल के सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठकों में छत्तीसगढ़ की निवेश संभावनाओं को सामने रखा गया। प्रदेश की खनिज संपदा, विविध वनोपज और औद्योगिक संभावनाएं विकास को गति देने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में निवेश से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। नवा रायपुर में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित मेडिसिटी और पांच हजार बिस्तरों की अस्पताल सुविधाओं की परिकल्पना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाएं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दे सकती हैं।

AI मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये, छह लाख विद्यार्थियों को प्रशिक्षण का लक्ष्य

तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक तकनीक में दक्ष बनाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से राज्य के बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस मिशन के माध्यम से छह लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शिक्षा देने और लगभग डेढ़ हजार अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक तेजी से दुनिया को बदल रही है। छत्तीसगढ़ के युवाओं को इस बदलाव में केवल सहभागी बनाने के बजाय नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करना सरकार का प्रयास है।

गांवों में सीमित सुविधाओं से प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री साय ने शिक्षा को विकास का मूल मंत्र बताते हुए अपने छात्र जीवन की परिस्थितियों को याद किया। उन्होंने कहा कि उनके बचपन में ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षणिक सुविधाएं सीमित थीं। उन्हें अपने गांव बगिया से लगभग छह किलोमीटर दूर दूसरे गांव के विद्यालय में पांचवीं की बोर्ड परीक्षा देने जाना पड़ा था।

उन्होंने बताया कि उस समय स्कूलों के भवन कच्चे होते थे और विद्यार्थियों को बैठने के लिए घर से चटाई या जूट का बोरा लेकर जाना पड़ता था। आज छत्तीसगढ़ में आईआईएम, आईआईटी, ट्रिपल आईटी, एम्स और विधि विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक, गणवेश और मध्यान्ह भोजन जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। प्रयास आवासीय विद्यालयों के माध्यम से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिल रहा है। दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए रहने और भोजन की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए भी राज्य सरकार सहायता उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने युवाओं से कहा कि वे जहां भी शिक्षा प्राप्त करें, वहां से हासिल ज्ञान और अनुभव का उपयोग अपने समाज और प्रदेश की उन्नति के लिए करें।

36 युवा फेलो सीखेंगे शासन की कार्यप्रणाली, जिलों में करेंगे मैदानी काम

मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के द्वितीय बैच में विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमियों से आए 36 युवाओं का चयन किया गया है। इनमें इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रबंधन, गणित, वाणिज्य और अर्थशास्त्र जैसे विषयों के प्रतिभागी शामिल हैं। कुछ प्रतिभागी अपने स्टार्टअप भी संचालित कर रहे हैं।

सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव तथा मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत ने फेलोशिप की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह दो वर्षीय कार्यक्रम है। इसमें पांच माह अध्ययन एवं प्रशिक्षण और 19 माह मैदानी अनुभव के लिए निर्धारित हैं। प्रारंभिक तीन माह का प्रशिक्षण आईआईएम रायपुर में होगा। इसके बाद युवा फेलो जिला प्रशासन के साथ जुड़कर योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और जनसेवाओं की वास्तविक स्थिति को समझेंगे।

फेलो अपने प्रशिक्षण और मैदानी अनुभव के आधार पर योजनाओं की निगरानी, नीतिगत विश्लेषण, विभागीय समन्वय और जनसेवाओं में सुधार के प्रयासों में सहयोग देंगे। राहुल भगत ने प्रतिभागियों को प्रदेश के विजन डॉक्यूमेंट ‘अंजोर छत्तीसगढ़ 2047’ का अध्ययन करने और अपने सपनों के छत्तीसगढ़ को लेकर विचार लिखने के लिए भी प्रेरित किया।

फेलोशिप का संचालन सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आईआईएम रायपुर और ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के सहयोग से किया जा रहा है। द्वितीय बैच के लिए कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT) स्कोर और आईआईएम की चयन प्रक्रिया के माध्यम से 36 युवाओं का चयन हुआ है। इनमें दंतेवाड़ा, बस्तर और जशपुर सहित प्रदेश के 14 जिलों के युवा शामिल हैं।

युवाओं ने पूछे सवाल, मुख्यमंत्री ने साझा की अपेक्षाएं

संवाद के दौरान प्रतिभागियों ने फेलोशिप से जुड़ी अपेक्षाओं, सुशासन, शिक्षा, रोजगार, निवेश, आधुनिक तकनीक और प्रदेश के विकास में युवाओं की भूमिका पर सवाल किए। उन्होंने मुख्यमंत्री से उनके व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन के अनुभवों के बारे में भी जानकारी ली।

रायपुर की नीलिमा भारद्वाज ने मुख्यमंत्री से फेलोशिप के प्रतिभागियों से उनकी अपेक्षाओं के बारे में पूछा। खुशी ने सभी फेलो की ओर से इस अवसर के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिलों में काम करने से प्रशासन और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को समझने का अवसर मिलेगा। जशपुर के प्रतिभागी अंशुल ने अपनी शिक्षा और फेलोशिप से जुड़ने के उद्देश्य की जानकारी साझा करते हुए प्रदेश से बाहर पढ़ रहे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री का संदेश जानना चाहा।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों की बातों को सुना और उन्हें अपने ज्ञान, कौशल और अनुभव का उपयोग जनसेवा में करने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री का संदेश—हर जिम्मेदारी का उद्देश्य हो जनकल्याण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवा फेलो से कहा कि वे अपने कार्य के केंद्र में जनकल्याण को रखें। उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिले, उसका निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करें। उन्होंने कहा कि स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर परिश्रम और जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता न केवल सफलता दिलाती है, बल्कि आत्मसंतुष्टि भी देती है।

कार्यक्रम में भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के निदेशक प्रोफेसर संजीव पराशर, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के उप सचिव सूरज साहू सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि युवा फेलो अपने प्रशिक्षण और मैदानी अनुभव के जरिए शासन की योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सार्थक योगदान देंगे।

cgnews24 Team

CGNews24 Team अनुभवी पत्रकारों और उत्साही लेखकों का एक समर्पित समूह। हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ के स्थानीय मुद्दों से लेकर देश-दुनिया की प्रमुख घटनाओं की सबसे तेज़, सटीक और निष्पक्ष कवरेज 24x7 आप तक पहुँचाना है। हमसे जुड़ें: संपर्क करें (Email) | हमारी संपादकीय नीति पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

होमछत्तीसगढ़ खबरेंराजनीतिWhatsapp