Chhattisgarh के पूर्व BJP विधायक के शोरूम में मिली युवती की लाश; परिजनों ने लगाया दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप, शॉप में तोड़फोड़

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में भाजपा के पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता संतोष बाफना से जुड़े बाफना हाउस (House of Bafna) में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला गरमा गया है। शोरूम के भीतर युवती का शव फंदे से लटका मिला था, लेकिन परिजन इसे आत्महत्या मानने को तैयार नहीं हैं। परिवार ने युवती के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को फंदे पर लटकाए जाने की आशंका जताई है। परिजनों के इन गंभीर आरोपों के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।
परिवार का दावा है कि अंतिम संस्कार से पहले जब शव को नहलाया जा रहा था, तब युवती के शरीर पर कई जगह चोट और खरोंच के निशान दिखाई दिए। परिजनों ने निजी अंगों के पास सूजन और वहां रुई मिलने की बात भी कही है। इन दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मामले को लेकर मंगलवार को मृतका के परिजन और स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए। युवती की तस्वीर लेकर रैली निकाली गई और न्याय की मांग करते हुए लोग बाफना हाउस पहुंचे। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने शोरूम के बाहर रखे गमले तोड़ दिए। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
21 अक्टूबर से शोरूम में काम कर रही थी युवती
जानकारी के मुताबिक, युवती 21 अक्टूबर से जगदलपुर स्थित बाफना हाउस में काम करने जा रही थी। यहां कपड़े और ज्वेलरी का कारोबार होता है। परिजनों के अनुसार, यह प्रतिष्ठान भाजपा के पूर्व विधायक संतोष बाफना से जुड़ा हुआ है।
2 नवंबर की सुबह शोरूम की छत पर युवती का शव मिलने की सूचना सामने आई थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो युवती का शव छत के फर्श पर पड़ा था। उसके गले में चुन्नी का फंदा था, जबकि चुन्नी का दूसरा सिरा छत पर लगे पाइप से लटक रहा था। बताया गया कि फंदा टूटने के कारण शव नीचे गिर गया था।
हालांकि, घटनास्थल की परिस्थितियों और शरीर पर कथित चोट के निशान को लेकर परिजन लगातार सवाल उठा रहे हैं। परिवार का कहना है कि जब तक मौत के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक इसे आत्महत्या मानना जल्दबाजी होगी।
आखिरी फोन कॉल में कहा था- बाद में बात करूंगी
परिजनों के मुताबिक, घटना से एक दिन पहले शाम करीब 6 से 6:30 बजे युवती की परिवार के लोगों से फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान उसने कहा था कि अभी बात नहीं कर सकती, बाद में बात करेगी।
इसके बाद परिवार का उससे संपर्क नहीं हो पाया। रात करीब 9:30 बजे तक जब वह घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने शोरूम के कर्मचारियों से जानकारी ली।
परिवार का कहना है कि कर्मचारियों ने बताया कि युवती शाम करीब 6:30 बजे से वहां नहीं है और उसका मोबाइल फोन दुकान में ही छूट गया है। बाद में उसका मोबाइल फोन परिजनों तक पहुंचाया गया।
इसके बाद परिजन बाफना हाउस पहुंचे, लेकिन उस समय प्रतिष्ठान बंद था। अगले दिन सुबह दोबारा पहुंचने पर उन्हें युवती की मौत की जानकारी मिली। परिवार का सवाल है कि जब युवती शाम से गायब थी, तो उसके बारे में तत्काल परिजनों को स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई?
चाची का दावा- शरीर पर थे चोट और नोचने के निशान
इस मामले में मृतका की चाची ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अंतिम संस्कार से पहले जब परिवार के सदस्य युवती के शव को नहला रहे थे, तब शरीर के कई हिस्सों में चोट और नोचने जैसे निशान दिखाई दिए।
चाची के मुताबिक, युवती के निजी अंगों के पास सूजन थी और वहां रुई भी मिली थी। परिवार का आरोप है कि युवती के साथ गलत काम करने के बाद उसकी हत्या की गई होगी और फिर घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे पर लटका दिया गया।
हालांकि, परिजनों के इन आरोपों की पुष्टि अभी मेडिकल या फॉरेंसिक रिपोर्ट से नहीं हुई है। यही वजह है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, मेडिकल परीक्षण और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
सुसाइड नोट मिलने की बात भी आई सामने
इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया है कि पुलिस को घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट मिला था। पुलिस के शुरुआती बयान के मुताबिक, नोट में युवती ने अपनी मर्जी से आत्महत्या करने और किसी को परेशान नहीं करने की बात लिखी थी।
पुलिस ने शुरुआती परिस्थितियों के आधार पर आत्महत्या की आशंका जताई थी। हालांकि, परिजन इस निष्कर्ष से सहमत नहीं हैं और उन्होंने नोट की प्रामाणिकता सहित घटनाक्रम के सभी पहलुओं की जांच की मांग की है।
ऐसे में यह भी जांच का विषय होगा कि नोट किस परिस्थिति में लिखा गया, उसकी लिखावट और प्रामाणिकता की जांच हुई या नहीं और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्य उससे मेल खाते हैं या नहीं।
CCTV फुटेज से खुल सकते हैं कई राज, परिवार ने उठाए सवाल
परिजनों की सबसे बड़ी मांग शोरूम में लगे CCTV कैमरों की फुटेज सार्वजनिक करने और उसकी बारीकी से जांच कराने की है। परिवार जानना चाहता है कि घटना वाले दिन शोरूम में कौन-कौन मौजूद था? युवती आखिरी बार किसके साथ देखी गई थी? शाम 6:30 बजे के बाद उसकी गतिविधियां क्या थीं और रात से लेकर अगली सुबह तक प्रतिष्ठान में क्या हुआ?
परिजनों का कहना है कि CCTV फुटेज से घटनाक्रम की अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं। वे चाहते हैं कि पुलिस सभी कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित कर उनकी जांच करे। साथ ही शोरूम के कर्मचारियों और घटना के समय मौजूद लोगों से पूछताछ की जाए।
परिवार ने यह आशंका भी जताई है कि प्रतिष्ठान के राजनीतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़े होने के कारण जांच प्रभावित हो सकती है। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच और किसी भी तरह के दबाव से मुक्त कार्रवाई की मांग की गई है।
न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतरे परिजन, शोरूम के बाहर तोड़फोड़
युवती की मौत के बाद मंगलवार को परिजनों और वार्ड के लोगों में आक्रोश देखने को मिला। लोग युवती की तस्वीर लेकर रैली के रूप में निकले और बाफना हाउस पहुंचे। यहां न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन किया गया।
इसी दौरान आक्रोशित लोगों ने शोरूम के बाहर रखे गमलों को तोड़ दिया। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।
लोगों ने मांग की कि पुलिस मामले को केवल आत्महत्या मानकर जांच सीमित न रखे, बल्कि परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की भी गंभीरता से जांच करे।
पुलिस का पक्ष- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह
सिटी कोतवाली थाना प्रभारी लीलाधर राठौर के मुताबिक, पुलिस को बाफना हाउस में एक युवती की फांसी से मौत की सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां चुन्नी से बनाया गया फंदा टूट चुका था और युवती का शव छत के फर्श पर पड़ा मिला।
इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए डिमरापाल मेडिकल कॉलेज भेजा गया। पुलिस के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
