CM साय से मिले ‘चाणक्य’ फेम डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी, शॉल-प्रतीक चिन्ह भेंटकर हुआ आत्मीय स्वागत; इतिहास-संस्कृति और सिनेमा पर हुई चर्चा

रायपुर, 14 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से शुक्रवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक एवं अभिनेता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने शॉल और प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनका आत्मीय अभिनंदन किया। इस दौरान भारतीय इतिहास, संस्कृति, साहित्य और सिनेमा सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
‘चाणक्य’ ने देशभर के दर्शकों पर छोड़ी अमिट छाप
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय सिनेमा और टेलीविजन ने देश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि डॉ. द्विवेदी ने अपने सृजन के माध्यम से भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को प्रभावशाली ढंग से जन-जन तक पहुंचाया है।
सीएम ने दूरदर्शन के लोकप्रिय धारावाहिक ‘चाणक्य’ का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि आचार्य चाणक्य के व्यक्तित्व, राष्ट्रबोध और राजनीतिक दर्शन को डॉ. द्विवेदी ने जिस प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, उसने देशभर के दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ी।
गंभीर शोध और सशक्त प्रस्तुति की CM ने की तारीफ
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. द्विवेदी ने ऐतिहासिक और साहित्यिक विषयों को गंभीर शोध, संवेदनशीलता और सशक्त प्रस्तुति के साथ पर्दे पर उतारा है। ऐसी रचनाएं नई पीढ़ी को अपनी सभ्यता, संस्कृति, विरासत और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और लोक परंपराओं पर भी चर्चा
मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं, साहित्य और ऐतिहासिक विरासत पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय परंपराएं छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य की लोककला, लोकसाहित्य और गौरवशाली विरासत में सृजन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
डॉ. द्विवेदी ने CM साय का जताया आभार
डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने मुख्यमंत्री साय द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव तथा प्रबल प्रताप सिंह जूदेव भी उपस्थित रहे।
