CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में आज भारी बारिश का रेड अलर्ट! अगले 3 दिनों तक मानसून मचाएगा धमाल, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

रायपुर/बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, आज सोमवार (20 जुलाई) को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश होने वाली है। मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लगातार हो रही इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से तो राहत मिली है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव (Waterlogging) का खतरा बढ़ गया है।
मौसम विभाग ने वज्रपात (बिजली गिरने) की आशंका को देखते हुए लोगों को अलर्ट रहने और बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
इन इलाकों में दिखेगा मानसून का सबसे खतरनाक रूप
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों में मानसून की गतिविधि सबसे ज्यादा देखने को मिलेगी। सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कुछ जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। लगातार होने वाली बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं। जिला प्रशासनों को भी अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या जलभराव से तुरंत निपटा जा सके।
रायपुर समेत कई बड़े शहरों में छाए रहेंगे बादल
राजधानी रायपुर, दुर्ग, और बिलासपुर समेत प्रदेश के प्रमुख शहरी इलाकों में आज दिनभर बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग का अनुमान है कि इन क्षेत्रों में रुक-रुककर तेज बौछारें पड़ती रहेंगी। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली चमकने और गिरने की भी संभावना जताई गई है। “गरज-चमक और आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़ों, और बिजली के खंभों के नीचे शरण बिल्कुल न लें। वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें और सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें।”
23 जुलाई तक जारी रहेगा भारी बारिश का दौर
मौसम विभाग द्वारा जारी ७ दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार, छत्तीसगढ़ में बारिश का यह सिलसिला 23 जुलाई तक लगातार जारी रहेगा। 20 से 23 जुलाई के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और वज्रपात का यलो/ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इसके बाद 24 और 25 जुलाई को बारिश की रफ्तार थोड़ी कम होगी, लेकिन अनेक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रहेगा।
किसानों और आम जनता के लिए जरूरी गाइडलाइन
मौसम का पूर्वानुमान और आसमान की स्थिति देखकर ही खेतों में काम करने जाएं। गरज-चमक के समय खुले खेतों में रहने से बचें बिजली कड़कने के दौरान घरों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल सावधानी से करें या उन्हें अनप्लग कर दें।
