CG-थाने में धरने पर बैठे विधायक, बोले- FIR होने तक नहीं उठूंगा! 4 महीने से लंबित मामलों पर पुलिस से आर-पार
सिमगा थाना पहुंचे भाटापारा विधायक, पीड़ित परिवारों और साहू समाज के लोगों के साथ किया प्रदर्शन; SDOP ने मांगा 5 दिन का समय, लेकिन आश्वासन से नहीं माने विधायक

सिमगा। भाटापारा विधायक इंद्र साव ने सिमगा थाना क्षेत्र के दो लंबित मामलों में कार्रवाई नहीं होने को लेकर पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार शाम करीब 5 बजे विधायक पीड़ित परिवारों, ग्रामीणों और साहू समाज के लोगों के साथ सिमगा थाना पहुंचे। थाना प्रभारी से चर्चा के बाद भी कार्रवाई को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विधायक ने थाना परिसर में ही धरना शुरू कर दिया।
विधायक ने साफ कहा कि जब तक संबंधित मामलों में आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। विधायक के धरने पर बैठने के बाद थाना परिसर में देर रात तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही। विधायक और पीड़ित पक्ष का आरोप है कि दोनों मामलों में पुलिस को शिकायत दिए हुए चार महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है।
इसी मुद्दे को लेकर विधायक इंद्र साव ने सोमवार को भी पुलिस से कार्रवाई की मांग उठाई थी। मंगलवार को वे सीधे पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों के साथ थाना पहुंच गए। विधायक का कहना है कि जब पीड़ित परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं तो पुलिस को मामले में कार्रवाई करनी चाहिए।
पहला मामला: महिला से मारपीट और अभद्रता का आरोप
पहला मामला ग्राम चंदियापथरा का है। शिकायत के मुताबिक, रीना साहू पति हीरालाल साहू, उम्र 28 वर्ष, के साथ 22 अप्रैल की रात करीब 8 बजे धनराज गिधौड़े और उसके भाई ईश्वर गिधौड़े ने कथित तौर पर घर में घुसकर मारपीट और गाली-गलौज की।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों फावड़ा लेकर घर में पहुंचे थे और महिला के साथ अभद्रता की। महिला ने आरोप लगाया है कि उसके साड़ी-ब्लाउज फाड़कर बेइज्जत करने का प्रयास किया गया।
महिला के चिल्लाने पर पड़ोसी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद उसे बचाया गया। घटना के बाद पीड़िता की ओर से सिमगा थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई थी।
दूसरा मामला: सामाजिक बहिष्कार और जान से मारने की धमकी का आरोप
दूसरा मामला भी चंदियापथरा निवासी हीरालाल साहू पिता चैतूराम साहू से जुड़ा है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि गांव के ओम सेठिया द्वारा उन्हें लगातार सामाजिक बहिष्कार करने और जान से मरवाने की धमकी दी जा रही है। हीरालाल साहू का दावा है कि इस तरह की कथित हरकतें पिछले करीब 10 वर्षों से की जा रही हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक इस वजह से उनका परिवार लगातार भय के माहौल में रह रहा है।
70 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जे का भी आरोप
शिकायत में ओम सेठिया पर गांव की करीब 70 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस जमीन में खेल मैदान, चारागाह और सीलिंग की जमीन शामिल है। उनका कहना है कि इस संबंध में उन्होंने उच्च अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
SDOP ने मांगा 5 दिन का समय, विधायक धरने से नहीं हटे
विधायक इंद्र साव के थाना पहुंचने के बाद उन्होंने थाना प्रभारी धीरेंद्र दुबे से दोनों मामलों में अब तक कार्रवाई नहीं होने को लेकर नाराजगी जताई। इसी दौरान मौके पर पहुंचे SDOP तारेस साहू ने मामले में कार्रवाई के लिए विधायक से पांच दिन का समय मांगा।
हालांकि विधायक इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए और थाना परिसर में ही धरने पर बैठ गए। उनके साथ पीड़ित परिवारों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण और साहू समाज के लोग भी धरने में शामिल हो गए।
विधायक बोले- धरना किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं
विधायक इंद्र साव ने कहा कि उनका धरना किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है। उनका उद्देश्य पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना है।उन्होंने पुलिस पर मामलों में अनावश्यक देरी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं होती, वह धरने से नहीं उठेंगे। मंगलवार रात करीब 8 बजे तक विधायक के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में साहू समाज के लोग थाना परिसर में मौजूद रहे।
पुलिस बोली- उच्च अधिकारियों के स्तर पर चल रही जांच
मामले में थाना प्रभारी धीरेंद्र दुबे ने कहा कि दोनों मामलों की जांच उच्च अधिकारियों के स्तर पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके स्तर से FIR दर्ज नहीं की जा सकती। अब पूरे मामले में नजर इस बात पर है कि पांच दिन के समय के बाद पुलिस क्या कार्रवाई करती है और क्या दोनों शिकायतों में FIR दर्ज होती है।
थाने में विधायक का धरना बना सियासी मुद्दा
पीड़ितों की शिकायत पर कार्रवाई की मांग को लेकर विधायक का सीधे थाने में धरने पर बैठना अब स्थानीय राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर विधायक तत्काल FIR की मांग पर अड़े हैं, वहीं पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की जांच उच्च अधिकारियों के स्तर पर चल रही है।
ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद पुलिस बनाम विधायक के टकराव का रूप लेता है या जांच के बाद कार्रवाई से मामला शांत होता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
