CG-नाली में फंसी स्कॉर्पियो ने खोला 5 क्विंटल गांजे का राज! लोगों ने तलाशी ली तो उड़ गए होश, ड्राइवर फरार
रायपुर में गांजे की बड़ी खेप बरामद, डीडी नगर इलाके में मचा हड़कंप; पुलिस ने स्कॉर्पियो समेत गांजा जब्त कर शुरू की जांच

रायपुर, 25 अगस्त 2026। राजधानी रायपुर में गांजा तस्करी की एक बड़ी खेप ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। डीडी नगर थाना क्षेत्र में एक स्कॉर्पियो वाहन से करीब 5 क्विंटल गांजा बरामद किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गांजे की यह बड़ी खेप पुलिस की नियमित कार्रवाई में नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के शक के चलते सामने आई।
बताया जा रहा है कि महासमुंद पासिंग सफेद रंग की स्कॉर्पियो क्रमांक CG 06 HE 9900 सुबह डीडी नगर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में नाली में फंस गई थी। वाहन फंसने के बाद ड्राइवर जिस तरह से वहां से निकलने की कोशिश कर रहा था, उससे आसपास के लोगों को संदेह हुआ। लोगों ने वाहन की तलाशी ली तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए।
स्कॉर्पियो के भीतर बड़ी मात्रा में गांजा भरा हुआ था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही डीडी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्कॉर्पियो समेत गांजे की खेप को जब्त कर लिया।
पुलिस पहुंचती, उससे पहले ही ड्राइवर फरार
गांजा पकड़े जाने की भनक लगते ही वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस के पहुंचने से पहले उसके भाग निकलने के कारण अब पूरा मामला और पेचीदा हो गया है।
पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर गांजे की खेप के स्रोत और उसके संभावित गंतव्य की जांच शुरू कर दी है। फरार चालक की तलाश के साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि वाहन किसके नाम पर पंजीकृत है और इस पूरी तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
नाली में फंसी गाड़ी बनी तस्करी का सुराग
पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प कड़ी स्कॉर्पियो का नाली में फंसना है। अगर वाहन वहां नहीं फंसता और लोगों को चालक की गतिविधियां संदिग्ध नहीं लगतीं, तो संभव है कि इतनी बड़ी गांजे की खेप अपने गंतव्य तक पहुंच जाती। स्थानीय लोगों के शक ने तस्करों के इस कथित नेटवर्क की एक बड़ी खेप को उजागर कर दिया।
5 क्विंटल गांजा… आखिर कहां से आई इतनी बड़ी खेप?
करीब 500 किलो गांजा बरामद होने के बाद पुलिस के सामने कई बड़े सवाल हैं। इतनी बड़ी खेप गांजा कहां से लाई गई? इसे रायपुर में किसे पहुंचाया जाना था? स्कॉर्पियो में गांजा किसने लोड किया था? फरार चालक के पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा है? क्या इस तस्करी में वाहन मालिक भी शामिल है? रायपुर में इस खेप की डिलीवरी किस जगह होनी थी? पुलिस इन सभी सवालों के जवाब तलाशने में जुटी है।
महासमुंद पासिंग गाड़ी ने बढ़ाया शक
पुलिस के लिए वाहन का महासमुंद पासिंग होना भी जांच का महत्वपूर्ण बिंदु माना जा रहा है। वाहन के दस्तावेजों और नंबर के आधार पर पुलिस इसके मालिक तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
इसके अलावा पुलिस यह भी जांच सकती है कि वाहन इससे पहले किन-किन स्थानों पर गया था और क्या इसका इस्तेमाल पहले भी किसी संदिग्ध गतिविधि में हुआ है।
ड्राइवर के पकड़े जाने पर खुल सकता है पूरा नेटवर्क
पुलिस की जांच में फरार ड्राइवर की गिरफ्तारी सबसे अहम कड़ी मानी जा रही है। उसके पकड़े जाने के बाद गांजे की खेप के स्रोत से लेकर सप्लाई नेटवर्क और रायपुर में संभावित खरीदार तक कई अहम खुलासे हो सकते हैं। पुलिस वाहन मालिक और तस्करी से जुड़े संभावित अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
एक छोटी-सी चूक ने खोल दी बड़ी खेप
तस्करी के लिए इस्तेमाल की जा रही स्कॉर्पियो का नाली में फंसना तस्करों के लिए भारी पड़ गया। जिस खेप को कथित तौर पर चोरी-छिपे रायपुर पहुंचाया जाना था, वह स्थानीय लोगों के शक के चलते सड़क पर ही पकड़ी गई। अब पुलिस की चुनौती सिर्फ 5 क्विंटल गांजा बरामद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस खेप के पीछे छिपे पूरे तस्करी नेटवर्क तक पहुंचना है।
