CG-जेल प्रहरी सस्पेंड; जेल में बंदी की हत्या मामले में बड़ी कार्रवाई, फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत, सिर पर गंभीर चोट की पुष्टि
बिलासपुर, 25 जून 2026. सेंट्रल जेल बिलासपुर में बंदी नीलू जगत की संदिग्ध मौत का मामला अब गंभीर मोड़ लेता नजर आ रहा है। प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के बाद मामले की जांच हत्या के एंगल से की जा रही है। घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात चक्करदार प्रहरी धरम कोठारी को निलंबित कर दिया गया है, जबकि पुलिस, फोरेंसिक टीम और न्यायिक अधिकारियों ने जांच तेज कर दी है।
घटना के बाद जेल विभाग ने प्राथमिक जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए ड्यूटी पर मौजूद चक्करदार प्रहरी धरम कोठारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन और पुलिस विभाग दोनों स्तर पर अलग-अलग जांच की जा रही है।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए अहम साक्ष्य
बुधवार सुबह सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर केंवट फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम के साथ सेंट्रल जेल पहुंचे। जांच टीम ने जेल की ई-1 बैरक का बारीकी से निरीक्षण किया और घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए।
पुलिस ने कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल किए गए कंक्रीट स्लैब, खून के नमूने और अन्य सामग्री को जब्त किया है। इसके साथ ही जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारी घटना से पहले और बाद की गतिविधियों का विश्लेषण कर रहे हैं।
न्यायिक जांच भी शुरू
मामले की न्यायिक जांच के तहत ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास अनूप तिग्गा ने सेंट्रल जेल पहुंचकर अधिकारियों, कर्मचारियों और ड्यूटी स्टाफ से पूछताछ की। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज का भी अवलोकन किया।
बताया गया कि परिजनों को भी फुटेज दिखाने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन दूरी और समयाभाव के कारण वे मौके पर नहीं पहुंच सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर चोट की पुष्टि
सिम्स अस्पताल में डॉक्टरों की टीम द्वारा किए गए पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में नीलू जगत के सिर पर गंभीर चोट लगने की पुष्टि हुई है। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सिर पर हुए गहरे वार से मौत होने की आशंका जताई गई है। हालांकि मौत के सटीक कारणों और परिस्थितियों का खुलासा विस्तृत पोस्टमार्टम एवं फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
परिजनों ने मांगा 50 लाख मुआवजा
घटना से नाराज मृतक के परिजन बुधवार को कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के साथ कलेक्टोरेट पहुंचे और प्रभारी कलेक्टर प्रकाश सर्वे को ज्ञापन सौंपा। मृतक के दादा नारायण जगत, पिता देवलाल जगत, पत्नी और अन्य परिजनों ने ज्ञापन के माध्यम से मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
सेंट्रल जेल जैसी हाई सिक्योरिटी व्यवस्था के भीतर हुई इस घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें फोरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और न्यायिक जांच के निष्कर्षों पर टिकी हैं, जिनसे यह स्पष्ट हो सकेगा कि बंदी की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।













