CG-जेल प्रहरी लापता, भांजे को VIDEO भेजकर स्कूटी की डिक्की में छोड़ा 8 पन्नों का पत्र; जेलर पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद से जेल प्रशासन को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बालोद उप जेल में पदस्थ जेल प्रहरी महेंद्र वर्मा अचानक लापता हो गए हैं। उनके लापता होने से पहले भेजे गए एक वीडियो और स्कूटी की डिक्की से मिले आठ पन्नों के पत्र ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। पत्र में जेल प्रहरी ने जेल अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना, दबाव और कथित अमानवीय व्यवहार समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
बताया जा रहा है कि लापता होने से पहले महेंद्र वर्मा ने अपने भांजे के मोबाइल पर एक वीडियो भेजा था। वीडियो में उन्होंने बताया कि उनकी स्कूटी की डिक्की में एक पत्र रखा हुआ है। इसके बाद परिजनों ने जब स्कूटी की डिक्की खोली तो उसमें आठ पन्नों का पत्र मिला। यह पत्र पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर के नाम संबोधित है।
बंदी से मोबाइल मिलने के मामले में दबाव का आरोप
पत्र में महेंद्र वर्मा ने जेल के भीतर एक बंदी से मोबाइल मिलने की घटना का जिक्र किया है। उनका आरोप है कि इस मामले में उन्हें जिम्मेदार ठहराया जा रहा था और कथित तौर पर उन पर आरोप अपने ऊपर लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
पत्र में उन्होंने दुर्ग जेल अधीक्षक मनीष संभाकर का नाम लेते हुए भी मानसिक तनाव और कथित प्रताड़ना से जुड़े आरोप लगाए हैं। इसके अलावा ड्यूटी के दौरान तलाशी लिए जाने और कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार किए जाने की घटना का भी उल्लेख किया गया है।
महेंद्र ने दावा किया है कि 12 अगस्त 2026 की शाम तलाशी के दौरान उनके साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्होंने रोजाना तलाशी लिए जाने का भी जिक्र किया है।
बेटे को लिखा- कलेक्टर बनने का सपना पूरा करना
पत्र का सबसे भावुक हिस्सा वह है, जिसमें महेंद्र ने अपने बेटे जयंत को संबोधित किया है। उन्होंने बेटे से माफी मांगते हुए परिवार की जिम्मेदारियों से पीछे हटने की बात लिखी है। साथ ही बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने पैरों पर खड़े होने की सलाह दी है।
उन्होंने अपने बेटे से कलेक्टर बनने का सपना पूरा करने की इच्छा जताई है। दूसरे बेटे को डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने की बात लिखी गई है। पत्नी को संबोधित करते हुए महेंद्र ने जीवनभर साथ देने के लिए आभार जताया और उनसे भी माफी मांगी है।
अपने माता-पिता को लेकर भी उन्होंने भावुक बातें लिखी हैं और कहा है कि वह उनके बुढ़ापे का सहारा नहीं बन पाएंगे।
अधिकारियों पर कार्रवाई और FIR की मांग
पत्र में महेंद्र ने कथित प्रताड़ना के लिए जिम्मेदार बताए गए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने जेल में बंदियों तक मोबाइल पहुंचने और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर सवाल भी उठाए हैं।
महेंद्र ने मामले की जांच के दौरान जेल के CCTV फुटेज सुरक्षित रखने और उनकी जांच कराने की मांग भी पत्र में की है।
परिवार की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
पत्र के अंतिम हिस्से में महेंद्र ने अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने परिवार को बालोद से कहीं और ले जाने और बच्चों का किसी अच्छे स्कूल में दाखिला कराने की अपील की है।
वीडियो और पत्र सामने आने के बाद परिजन तत्काल थाने पहुंचे और महेंद्र वर्मा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
पहले भी उठ चुके हैं जेल की सुरक्षा पर सवाल
बालोद जेल में बंदियों तक मोबाइल पहुंचने को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। दिसंबर 2025 में जिला जेल परिसर से एक मोबाइल बरामद होने के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए थे।
फिलहाल महेंद्र वर्मा द्वारा पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच और महेंद्र वर्मा के मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पत्र में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है और उनके लापता होने के पीछे की पूरी वजह क्या है।
सबसे बड़ा सवाल यही है—आखिर जेल प्रहरी महेंद्र वर्मा कहां हैं? पुलिस उनकी तलाश के साथ-साथ पत्र में लगाए गए आरोपों की भी जांच कर रही है।
