Bilaspur News; 11 केवी लाइन के नीचे लगा था स्वागत गेट, मटका बांधने चढ़ा युवक करंट की चपेट में

बिलासपुर। कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन के बीच बिलासपुर में एक गंभीर हादसा सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के राजीव गांधी चौक के पास कुम्हारपारा रोड पर 11 केवी हाईवोल्टेज बिजली लाइन के नीचे लगाए गए स्वागत गेट पर मटका बांधने के दौरान एक युवक करंट की चपेट में आ गया। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
जानकारी के मुताबिक, ओमनगर जरहाभाठा निवासी राज जन्माष्टमी कार्यक्रम के लिए लगाए गए विशाल स्वागत गेट पर मटका बांधने के लिए सीढ़ी के सहारे ऊपर चढ़ा था। इसी दौरान ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आने से उसे जोरदार करंट लग गया।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल युवक को नीचे उतारा और ऑटो की मदद से अस्पताल पहुंचाया। समय रहते मदद मिलने से उसकी जान बच गई, हालांकि वह गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है।
बिजली लाइन के नीचे इतना ऊंचा गेट कैसे लगा?
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल बिजली विभाग और नगर निगम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। जिस स्थान पर स्वागत गेट लगाया गया, उसके ठीक ऊपर से हाईवोल्टेज बिजली लाइन गुजर रही थी। इसके बावजूद वहां इतना ऊंचा लोहे का ढांचा कैसे लगाया गया, यह जांच का विषय है।
क्या गेट लगाने से पहले संबंधित विभागों ने मौके का निरीक्षण किया था? क्या आयोजन समिति को बिजली लाइन से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के संबंध में कोई निर्देश दिए गए थे? इन सवालों के जवाब अब जिम्मेदार विभागों से मांगे जा रहे हैं।
बड़ा हादसा टला, लेकिन खतरा बरकरार
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, तेज हवा और बारिश के दौरान बिजली के तारों और लोहे या टीन से बने ढांचों के बीच खतरा और बढ़ सकता है। ऐसे में 11 केवी लाइन के बेहद करीब खड़ा यह स्वागत गेट सिर्फ आयोजन में शामिल लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि सड़क से गुजरने वाले आम नागरिकों के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है।
मटका बांधने, सजावट करने या गेट पर अन्य सामान लगाने के लिए लोगों का ऊपर चढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में हाईवोल्टेज लाइन के नीचे लोहे का बड़ा ढांचा लगाया जाना गंभीर सुरक्षा चूक की ओर इशारा करता है।
हादसे के बाद उठी जांच की मांग
इस घटना ने शहर में सार्वजनिक आयोजनों के दौरान लगाए जाने वाले बड़े स्वागत गेटों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय ऐसे सभी गेटों की तत्काल जांच होनी चाहिए और बिजली लाइनों से सुरक्षित दूरी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
फिलहाल हादसे में घायल युवक का उपचार जारी है। घटना के बाद यह सवाल अहम हो गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाने वाले ऐसे ढांचों की सुरक्षा जांच की जिम्मेदारी आखिर किस विभाग की है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
