छत्तीसगढ़ में 1,360 पदों पर होगी भर्ती, युवाओं के लिए खुला रोजगार का बड़ा रास्ता; सहकारी बैंकों और समितियों में नियुक्तियां

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में प्रदेश के पांच जिला सहकारी केंद्रीय बैंक क्षेत्रों और उनसे संबद्ध प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में कुल 1,360 पदों पर भर्ती की अनुमति दी गई है।
स्वीकृत पदों में जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के विभिन्न संवर्गों के 198 पद और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में समिति प्रबंधक के 1,162 पद शामिल हैं। समिति प्रबंधक के पदों में 596 पद सीधी भर्ती से, जबकि 566 पद सीमित चयन के माध्यम से भरे जाएंगे।
21 अगस्त की समीक्षा बैठक के बाद तेज हुई प्रक्रिया
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने 21 अगस्त को हुई विभागीय समीक्षा बैठक में सहकारी बैंकों और समितियों में भर्ती प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने अधिकारियों को बैंकों से प्राप्त भर्ती प्रस्तावों का परीक्षण करने और कर्मचारी सेवा नियमों, आरक्षण प्रावधानों तथा वित्तीय मानदंडों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने को कहा था। इन निर्देशों के बाद विभाग ने प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण किया और अब भर्ती की अनुमति जारी कर दी है।
पांच बैंक क्षेत्रों में होंगी नियुक्तियां
भर्ती की सबसे ज्यादा अनुमति रायपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक क्षेत्र में 508 पदों के लिए दी गई है। इसके बाद बिलासपुर में 444, बस्तर-जगदलपुर में 187, दुर्ग-राजनांदगांव में 154 और रायगढ़ में 67 पदों पर भर्ती होगी।
| जिला सहकारी केंद्रीय बैंक क्षेत्र | स्वीकृत पद |
|---|---|
| रायपुर | 508 |
| बिलासपुर | 444 |
| बस्तर-जगदलपुर | 187 |
| दुर्ग-राजनांदगांव | 154 |
| रायगढ़ | 67 |
| कुल | 1,360 |
इन बैंक क्षेत्रों से संबद्ध प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां भी निर्धारित नियमों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगी।
बैंकिंग से लेकर तकनीकी पदों पर भी भर्ती
जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में स्वीकृत पदों में उप प्रबंधक, प्रोग्रामर, सहायक प्रबंधक, फील्ड ऑफिसर, सहायक प्रोग्रामर और सामान्य सहायक जैसे पद शामिल हैं।
इन नियुक्तियों से बैंकों के प्रशासनिक, तकनीकी और मैदानी कामकाज को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। वहीं, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में समिति प्रबंधकों की नियुक्ति से ग्रामीण स्तर पर बैंकिंग और सहकारी योजनाओं के संचालन को मजबूती मिलेगी।
“युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे”
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सहकारी व्यवस्था को अधिक सक्षम और किसान हितैषी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि 1,360 पदों पर भर्ती की अनुमति युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर है। कर्मचारियों की नियुक्ति से सहकारी बैंकों और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और किसानों तथा खाताधारकों को बैंकिंग सेवाएं अधिक सरल और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इनके माध्यम से किसानों को ऋण, खाद-बीज और विभिन्न सहकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। समिति प्रबंधकों की नियुक्ति से समितियों के दैनिक संचालन, वित्तीय प्रबंधन और योजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिलेगी।
भर्ती में आरक्षण और सेवा नियमों का होगा पालन
विभाग के अनुसार भर्ती प्रक्रिया संबंधित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक कर्मचारी सेवा नियम-2023, आरक्षण नियमों, स्वीकृत पद संख्या और निर्धारित वित्तीय मानदंडों के अनुसार पूरी की जाएगी।
भर्ती एवं चयन प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए संबंधित संभागीय संयुक्त पंजीयक को भर्ती एवं चयन समिति में अनिवार्य सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।
बैंकों को भर्ती के प्रत्येक चरण में कर्मचारी सेवा नियमों और आरक्षण प्रावधानों का पालन करना होगा। साथ ही संबंधित बैंक की वित्तीय स्थिति और निर्धारित मानदंडों को भी ध्यान में रखा जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन मामले के अंतिम आदेश के अधीन रहेगी भर्ती
विभाग ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन विशेष अनुमति याचिका (SLP) के अंतिम आदेश के अधीन रहेगी।
यानी भर्ती की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार आगे बढ़ाई जाएगी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले के अंतिम निर्णय का प्रभाव इस प्रक्रिया पर लागू होगा।
किसानों को भी मिलेगा सीधा फायदा
नई नियुक्तियों का असर सिर्फ रोजगार तक सीमित नहीं रहने वाला है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होने से किसानों और खाताधारकों से जुड़े काम तेजी से निपटाए जा सकेंगे।
ऋण प्रकरण, बैंकिंग लेन-देन, अभिलेख संधारण, वित्तीय प्रबंधन और विभिन्न सरकारी एवं सहकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
इसके अलावा पैक्स समितियों के कम्प्यूटरीकरण और डिजिटल सेवाओं के विस्तार में भी नए समिति प्रबंधकों की अहम भूमिका रहेगी।
सरकार के इस फैसले को एक तरफ जहां युवाओं के लिए 1,360 रोजगार अवसरों के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इससे प्रदेश की सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को ग्रामीण स्तर तक और मजबूत करने की उम्मीद है।
