CG-हेमाबंद में पशु क्रूरता पर प्रशासन का ‘एक्शन’! पिता-पुत्र गिरफ्तार, 126 पशु गौशाला भेजे; पंचायत सचिव भी सस्पेंड

बेमेतरा, 25 अगस्त 2026। ग्राम हेमाबंद में आवारा और घुमंतू पशुओं को कथित तौर पर अनाधिकृत तरीके से बंधक बनाकर रखने के मामले में जिला प्रशासन ने एक साथ कई मोर्चों पर कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी दिलीप राय और उसके बेटे संजय राय को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के साथ पंचायत सचिव को भी निलंबित कर दिया गया है।
मामले में मौके से मिले 126 पशुओं को सुरक्षित निकालकर अलग-अलग गौशालाओं में पहुंचाया गया है। इसके अलावा गांव की सीमा में मिले मृत पशुओं की मौत की वजह पता लगाने के लिए तीन पशु चिकित्सकों की टीम जांच कर रही है।
पशु क्रूरता की शिकायत पर पहुंची टीम, जांच में शिकायत सही मिली
दाढ़ी तहसील के ग्राम हेमाबंद में पशुओं को कथित तौर पर अनधिकृत रूप से बांधकर रखने की शिकायत सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल पशु चिकित्सक को मौके पर भेजकर जांच कराई। प्रथमदृष्टया शिकायत सही पाए जाने के बाद पुलिस ने दिलीप राय और उसके पुत्र संजय राय के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया।
पुलिस के मुताबिक दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सिर्फ FIR नहीं… शासकीय जमीन से भी हटाया कब्जा
प्रशासन ने कार्रवाई को केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखा। आरोपी द्वारा कथित तौर पर कब्जा की गई शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी पूरी कर ली गई है। वहीं मामले में उपयोग किए गए जब्त ट्रैक्टर को लेकर राजसात की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
126 पशु निकाले गए, गौशालाओं में सुरक्षित इंतजाम
मौके पर मिले 126 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके बाद उन्हें वहां से हटाकर जिले की अलग-अलग गौशालाओं में सुरक्षित व्यवस्थापित किया गया। पशुओं के उपचार और स्वास्थ्य की निगरानी के लिए विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मृत पशुओं की मौत का राज खोलेगी तीन डॉक्टरों की टीम
जांच के दौरान गांव की सरहद में कुछ मृत पशु भी मिले हैं। इनकी मौत किन परिस्थितियों में और किस वजह से हुई, यह पता लगाने के लिए प्रशासन ने तीन पशु चिकित्सकों की टीम गठित की है। टीम आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण और जांच के बाद अपनी रिपोर्ट देगी।
लापरवाही पर पंचायत सचिव भी निलंबित
मामले में प्रशासन ने पंचायत स्तर पर कथित लापरवाही को भी गंभीरता से लिया है। ग्राम पंचायत हेमाबंद के सचिव प्रकाश कोशले को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने का आरोप है।
प्रशासन का साफ संदेश—क्रूरता और कब्जे पर ‘जीरो टॉलरेंस’
हेमाबंद की कार्रवाई में प्रशासन ने गिरफ्तारी, अतिक्रमण हटाने, पशुओं को सुरक्षित करने, ट्रैक्टर राजसात की प्रक्रिया और पंचायत सचिव के निलंबन जैसी कार्रवाई एक साथ की है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशु क्रूरता, शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे और सरकारी दायित्वों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
