सोशल मीडिया की जंग सड़क से थाने तक, भाजपा नेता और यूट्यूबर आमने-सामने; दोनों पक्षों की FIR से गरमाया अंबिकापुर

अंबिकापुर। सोशल मीडिया पर कई दिनों से चल रहा आरोप-प्रत्यारोप सोमवार को सड़क और थाने तक पहुंच गया। यूट्यूबर आकांक्षा टोप्पो ने भाजपा नेता धीरज सिंह पर रास्ता रोकने, जातिसूचक गाली देने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई। पुलिस धीरज सिंह को थाने लेकर पहुंची तो बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता वहां जुट गए और पुलिस अधिकारियों के साथ बहस की स्थिति बन गई। बाद में भाजपा की ओर से भी आकांक्षा टोप्पो और अकील अहमद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई।
पिछले कई दिनों से आकांक्षा टोप्पो और धीरज सिंह के बीच सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर आरोप-प्रत्यारोप चल रहा था। सोमवार को दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। आकांक्षा की शिकायत के बाद पुलिस ने धीरज सिंह को थाने लाकर पूछताछ शुरू की।
शिकायत में आकांक्षा ने धीरज सिंह पर रास्ता रोकने, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
धीरज को थाने लाया गया तो जुटे भाजपा कार्यकर्ता
धीरज सिंह को थाने लाए जाने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता थाने पहुंच गए। इसी दौरान थानेदार के चैंबर में CSP राहुल बंसल से भाजपा कार्यकर्ताओं की बहस होने की बात सामने आई। हंगामे के बीच भाजपा कार्यकर्ता धीरज सिंह को अपने साथ थाने से ले गए।
घटनाक्रम के बाद पुलिस ने मामले की स्थिति को संभालने की कोशिश की।
भाजपा की ओर से भी FIR, विवाद ने लिया राजनीतिक रंग
आकांक्षा की FIR के बाद देर शाम भाजपा कार्यकर्ता दोबारा थाने पहुंचे। भाजपा की ओर से आकांक्षा टोप्पो और अकील अहमद के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई गई। भाजपा का आरोप है कि दोनों ने निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश की।
अब मामला एकतरफा शिकायत तक सीमित नहीं है। दोनों पक्षों की शिकायत के बाद पुलिस के सामने सोशल मीडिया पोस्ट से लेकर सड़क पर हुए विवाद और थाने में हुए हंगामे तक की पूरी कड़ी की जांच की चुनौती है।
पोस्ट से शुरू हुआ विवाद, FIR पर पहुंची सियासी भिड़ंत
अंबिकापुर का यह मामला सिर्फ सोशल मीडिया विवाद नहीं रह गया है। आरोप-प्रत्यारोप से शुरू हुई लड़ाई आमने-सामने की स्थिति, FIR, पुलिस कार्रवाई और फिर दूसरी FIR तक पहुंच गई। अब जांच में यह तय होना है कि घटनाक्रम की शुरुआत कैसे हुई, किस पक्ष की शिकायत में लगाए गए आरोपों के पीछे क्या साक्ष्य हैं और सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट की भूमिका क्या रही। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर रही है।
