बिलासपुर: 15 दिन के विश्राम के बाद आज नगर भ्रमण पर निकलेंगे महाप्रभु जगन्नाथ, दोपहर 2 बजे शुरू होगी रथयात्रा

बिलासपुर। शहर में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 15 दिनों के विश्राम (अनसर) के बाद गुरुवार को महाप्रभु भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। दोपहर 12:45 बजे ‘पहंडी’ की परंपरा के तहत तीनों विग्रहों को गर्भगृह से बाहर लाकर विशेष श्रृंगार के बाद रथ पर विराजमान कराया जाएगा। इसके बाद दोपहर 2 बजे रथयात्रा का शुभारंभ होगा।
रथयात्रा से पहले बुधवार को भगवान के रथ का विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा और पूजन संपन्न कराया गया। वहीं मंदिर को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है। इस वर्ष गोंडपारा स्थित गुंडिचा मंदिर को भी विशेष रूप से कोणार्क मंदिर की तर्ज पर सजाया गया है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
गुरुवार सुबह मंदिर में मंगल आरती, सूर्य पूजा, द्वारपाल पूजा, नवग्रह पूजा और हवन सहित सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हो चुके हैं। अब श्रद्धालु बड़ी संख्या में रथयात्रा में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं।
रथयात्रा तितली चौक, तारबाहर चौक, देवरी चौक, गांधी चौक, दयालबंद और तोरवा होते हुए लगभग 10 किलोमीटर की यात्रा तय कर गोंडपारा स्थित गुंडिचा मंदिर पहुंचेगी। शाम करीब 6:30 बजे महाप्रभु मौसी मां के घर पहुंचेंगे, जहां वे 24 जुलाई तक विश्राम करेंगे।
यात्रा के दौरान पारंपरिक ‘छेरा पहरा’ की रस्म एसईसीएल के डायरेक्टर (टेक्निकल) पी. पी. पंडा तथा सूर्यकांत महापात्र निभाएंगे। रथ मार्ग पर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की ओर से श्रद्धालुओं के स्वागत, पेयजल और प्रसाद की व्यवस्था की गई है।
गुंडिचा मंदिर में 17 से 23 जुलाई तक प्रतिदिन शाम 7 बजे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके बाद 24 जुलाई को भगवान की बहुड़ा यात्रा निकलेगी।
शहर की वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार उसी दिन शाम 4 बजे पचरीघाट मंदिर से भगवान की बग्गी यात्रा निकलेगी। वहीं जुनाबिलासपुर स्थित राधा-कृष्ण मंदिर और गोंडपारा स्थित दर्जी मंदिर से भी रथयात्राएं निकलेंगी। तीनों यात्राएं घंटाघर मंदिर पहुंचेंगी, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना और भेंट अर्पित करने के बाद भगवान को विदाई दी जाएगी।
रथयात्रा के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति के सदस्य एलपी नायक, एसके सारंगी, शिखर नायक, प्रशांत बेहरा, वीके पंडा और अजीत दास सहित अन्य पदाधिकारी लगातार व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
