बिलासपुर से पेंड्रा तीसरी लाइन और कटनी से पेंड्रा चौथी लाइन को मोदी कैबिनेट की मंजूरी: छत्तीसगढ़ समेत 5 राज्यों को 10,783 करोड़ की रेल परियोजनाओं की सौगात


रायपुर। भारतीय रेलवे के नेटवर्क विस्तार को केंद्र सरकार ने बड़ी रफ्तार देने की तैयारी कर ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में तीन बड़ी मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं पर कुल 10,783 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इन्हें वित्त वर्ष 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इन परियोजनाओं का सीधा लाभ छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल को मिलेगा। प्रस्तावित रेल परियोजनाओं से करीब 656 किलोमीटर नया/अतिरिक्त रेल नेटवर्क तैयार होगा। इसके साथ ही पांच राज्यों के 14 जिलों में रेल संपर्क और परिवहन क्षमता को बड़ा विस्तार मिलेगा।

छत्तीसगढ़ के लिए खास मायने रखती हैं परियोजनाएं

स्वीकृत परियोजनाओं में कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन, उसलापुर-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन तथा खड़गपुर-झारसुगुड़ा-बागदेही चौथी लाइन शामिल हैं।

रेल नेटवर्क के विस्तार से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और खनिज क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर माल ढुलाई की क्षमता बढ़ने से कोयला, सीमेंट, लौह अयस्क और इस्पात जैसे प्रमुख उत्पादों के परिवहन को गति मिल सकती है।

4,790 गांवों को मिलेगा फायदा

रेलवे के अनुसार इन परियोजनाओं से करीब 4,790 गांवों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। इन गांवों में लगभग 56 लाख लोग निवास करते हैं।

रेल लाइन का विस्तार इन क्षेत्रों में केवल यातायात सुविधाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बाजार, रोजगार, उद्योग और व्यापार तक पहुंच आसान होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

यात्री ट्रेनों से लेकर मालगाड़ियों तक बढ़ेगी रफ्तार

मल्टीट्रैकिंग का सबसे बड़ा फायदा मौजूदा रेल नेटवर्क पर दबाव कम होने के रूप में सामने आएगा। अतिरिक्त लाइन उपलब्ध होने से ट्रेनों के संचालन में आने वाली बाधाएं कम होंगी और यात्री सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ सकती है। इसके साथ ही मालगाड़ियों के लिए भी अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी, जिससे औद्योगिक और खनिज क्षेत्रों से देश के विभिन्न हिस्सों तक माल की आवाजाही अधिक सुचारु हो सकेगी।

हर साल 27 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई का अनुमान

ये रेल कॉरिडोर कोयला, सीमेंट, लौह अयस्क और इस्पात जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक उत्पादों की ढुलाई के लिहाज से बेहद अहम हैं।

रेलवे के अनुमान के मुताबिक क्षमता विस्तार के बाद करीब 27 मिलियन टन अतिरिक्त माल प्रतिवर्ष परिवहन किया जा सकेगा। इसका सीधा फायदा खनन, उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों को मिलने की उम्मीद है।

पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक भी बढ़ेगी पहुंच

परियोजनाओं से कई महत्वपूर्ण पर्यटन और धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी। इनमें तारातारिणी मंदिर, श्री क्षेत्र जगन्नाथ मंदिर, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, विराटेश्वर मंदिर, अमरकंटक मंदिर, ज्वालेश्वर धाम, अचानकमार टाइगर रिजर्व, खुटाघाट बांध, मल्हार पुरातात्विक स्थल और रतनपुर महामाया मंदिर प्रमुख हैं। रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने से इन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

पीएम गति शक्ति के तहत तैयार हुआ प्लान

केंद्र सरकार के मुताबिक परियोजनाओं की योजना पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई है। इसका उद्देश्य सड़क, रेल और अन्य परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। सरकार का लक्ष्य ऐसा रेल नेटवर्क विकसित करना है, जिसमें लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही तेज और निर्बाध हो।

12 करोड़ लीटर तेल की होगी बचत

रेलवे के अनुसार रेल परिवहन अपेक्षाकृत अधिक ऊर्जा दक्ष और पर्यावरण अनुकूल माध्यम है। प्रस्तावित क्षमता विस्तार से करीब 12 करोड़ लीटर तेल आयात की बचत होने का अनुमान है।

इसके अलावा लगभग 62 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने का दावा किया गया है। रेलवे के मुताबिक यह कमी करीब 2.48 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।

10,783 करोड़ की परियोजना से बदल सकती है तस्वीर

कुल मिलाकर ये परियोजनाएं केवल रेल लाइन बिछाने तक सीमित नहीं हैं। इनके जरिए कनेक्टिविटी, उद्योग, खनन, माल ढुलाई, रोजगार, पर्यटन और पर्यावरण—सभी क्षेत्रों को गति देने की कोशिश है। वर्ष 2029-30 तक परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पांच राज्यों के बड़े हिस्से में रेल नेटवर्क की क्षमता में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

cgnews24 Team

CGNews24 Team अनुभवी पत्रकारों और उत्साही लेखकों का एक समर्पित समूह। हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ के स्थानीय मुद्दों से लेकर देश-दुनिया की प्रमुख घटनाओं की सबसे तेज़, सटीक और निष्पक्ष कवरेज 24x7 आप तक पहुँचाना है। हमसे जुड़ें: संपर्क करें (Email) | हमारी संपादकीय नीति पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

होमछत्तीसगढ़ खबरेंराजनीतिWhatsapp