Bilaspur News: दादी को अस्पताल में छोड़ लॉज पहुंचा ट्रांसपोर्टर, कमरे में मिला शव; सुसाइड नोट में लिखा- 7-8 महीने से था तनाव

बिलासपुर, 1 सितंबर 2026। बिलासपुर के पुराना कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित शारदा लॉज में कोरबा के एक ट्रांसपोर्टर की मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान दीपका निवासी प्रतीक जायसवाल के रूप में हुई है। पुलिस को लॉज के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें मृतक ने पिछले 7-8 महीने से डिप्रेशन और तनाव में रहने की बात लिखी है। साथ ही उसने अपने माता-पिता से माफी मांगी है।
जानकारी के मुताबिक, प्रतीक जायसवाल की दादी बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में भर्ती थीं। उनकी देखरेख के लिए प्रतीक कोरबा से बिलासपुर आया था। रविवार को उसका छोटा भाई भी बिलासपुर पहुंचा। करीब तीन-चार दिन अस्पताल में रहने के बाद भाई ने प्रतीक को घर जाने के लिए ऑटो में बैठाया। हालांकि, वह घर जाने के बजाय पुराना बस स्टैंड स्थित शारदा लॉज पहुंच गया और वहां कमरा बुक कर रात रुक गया।
घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने शुरू की तलाश
सोमवार सुबह प्रतीक के घर नहीं पहुंचने पर परिजन परेशान हो गए और उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से परिजनों को पता चला कि प्रतीक ने शारदा लॉज में कमरा लिया था।
जानकारी मिलते ही परिजन तत्काल लॉज पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा खुलवाया। अंदर प्रतीक मृत अवस्था में मिला।
कमरे से मिला सुसाइड नोट
पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए सिम्स भेज दिया। जांच के दौरान पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट मिला।
नोट में प्रतीक ने लिखा कि वह पिछले 7-8 महीनों से डिप्रेशन और मानसिक तनाव से गुजर रहा था। उसने अपने माता-पिता से माफी भी मांगी है। हालांकि, पुलिस के मुताबिक सुसाइड नोट में आत्महत्या की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। परिजनों से पूछताछ के साथ ही घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले कुछ महीनों से प्रतीक किन परिस्थितियों से गुजर रहा था और उसकी मौत के पीछे कोई अन्य वजह तो नहीं थी। फिलहाल पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
