पं सुन्दरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी; 24,800 शिक्षार्थियों को मिलेगी उपाधि, 5 शोधार्थियों को पीएचडी; कल मुक्त विश्वविद्यालय का सप्तम दीक्षान्त समारोह

राज्यपाल रमेन डेका करेंगे अध्यक्षता, उपमुख्यमंत्री अरुण साव समेत राष्ट्रीय स्तर के शिक्षाविद् होंगे शामिल; स्वर्ण पदक और विशिष्ट सम्मान भी दिए जाएंगे
बिलासपुर। पण्डित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय का सप्तम दीक्षान्त समारोह मंगलवार, 3 नवंबर को आयोजित होगा। विश्वविद्यालय परिसर में सुबह 11 बजे होने वाले इस समारोह में प्रदेश के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में अध्यक्षता करेंगे। उपमुख्यमंत्री अरुण साव सहित राष्ट्रीय स्तर के शिक्षाविद् और कई विशिष्ट अतिथि भी समारोह में शामिल होंगे। विश्वविद्यालय ने आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
दीक्षान्त समारोह से पहले सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में पूरे कार्यक्रम का पूर्वाभ्यास किया गया। इसमें अतिथियों के आगमन, स्वागत, शोभायात्रा, मंचीय कार्यक्रम, उपाधि वितरण और स्वर्ण पदक प्रदान करने की प्रक्रिया का निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार अभ्यास किया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के अनुरूप व्यवस्थाओं का परीक्षण किया।
24,800 शिक्षार्थियों के नाम पर उपाधि की घोषणा
इस दीक्षान्त समारोह का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण विभिन्न शैक्षणिक सत्रों के कुल 24,800 सफल शिक्षार्थियों को उपाधि एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए जाने की घोषणा होगी। इसके अलावा शिक्षा, प्रबंधन और भूगोल विषयों के पांच शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की जाएगी। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा।
समारोह में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC), नई दिल्ली के अध्यक्ष प्रो. नागेश्वर राव दीक्षान्त अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. कैलाश चन्द्र शर्मा दीक्षान्त वक्ता होंगे।
वनवासी गौरव और संस्कृति रत्न सम्मान भी
विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा के साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विशिष्ट प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया जाएगा। इसके तहत पण्डित सुन्दरलाल शर्मा वनवासी गौरव सम्मान और संस्कृति रत्न सम्मान प्रदान किए जाएंगे।
नई वेबसाइट और डिजिटल पोर्टल का होगा शुभारंभ
समारोह के दौरान विश्वविद्यालय अपनी शैक्षणिक एवं विकासात्मक उपलब्धियों को भी प्रस्तुत करेगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की नई वेबसाइट, परीक्षा अभिलेख डिजिटलीकरण पोर्टल और विश्वविद्यालय की पत्रिका ‘अभ्युदय’ का शुभारंभ प्रस्तावित है। इसे विश्वविद्यालय की डिजिटल व्यवस्था और शैक्षणिक गतिविधियों को नई दिशा देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
कुलपति प्रो. वी.के. सारस्वत के मार्गदर्शन में आयोजन की तैयारियां की गई हैं। अतिथियों के स्वागत, बैठक व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, विद्युत, पेयजल और स्वच्छता सहित तमाम व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
