CG पूर्व CMO पर FIR; महिला सफाई कर्मियों के आरोपों से मचा हड़कंप, छेड़छाड़ से लेकर सरकारी दस्तावेज में कूटरचना तक के आरोप

बिलाईगढ़। नगर पंचायत बिलाईगढ़ के तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी यशवंत देवांगन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। महिला सफाई कर्मियों से कथित छेड़छाड़ और लैंगिक उत्पीड़न के आरोपों के साथ-साथ सरकारी दस्तावेजों में कथित कूटरचना के मामले में बिलाईगढ़ थाने में FIR दर्ज की गई है।
पुलिस ने यह कार्रवाई एसडीएम कार्यालय के कर्मचारी मोहन लाल साहू की शिकायत के आधार पर 1 अक्टूबर को की। पूर्व CMO के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 75(1) और 336(3) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
जांच में सामने आए गंभीर आरोप
पुलिस के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन CMO ने ‘जय मां समलाई महिला स्व-सहायता समूह’ से जुड़ी महिला सफाई कर्मियों के साथ कथित तौर पर अमर्यादित व्यवहार किया और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली हरकतें कीं।
महिलाओं की शिकायत के बाद एसडीएम के निर्देश पर जांच दल गठित किया गया था। जांच दल ने संबंधित महिलाओं और अधिकारियों के बयान दर्ज किए और 10 सितंबर को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में आरोपों को गंभीर बताते हुए लैंगिक उत्पीड़न, छेड़छाड़, कूटरचना और अनुशासनहीनता से जुड़े बिंदुओं का उल्लेख किया गया।
द्विअर्थी बातें, अकेले मिलने का दबाव और धमकी के आरोप
जांच के दौरान महिला सफाई कर्मियों ने तत्कालीन CMO पर कई गंभीर आरोप लगाए। शिकायत के मुताबिक, उनसे कथित तौर पर द्विअर्थी बातें की जाती थीं। एक महिला ने आरोप लगाया कि उसे अकेले मिलने और ‘खुश करने’ के लिए दबाव बनाया गया।
महिलाओं ने कंधे पर हाथ रखने और अश्लील हरकत करने के भी आरोप लगाए हैं। शिकायत के बाद कथित तौर पर शिकायत वापस लेने का दबाव और ऐसा नहीं करने पर नौकरी से हटाने की धमकी दिए जाने की बात भी जांच में सामने आने का उल्लेख है।
हालांकि, इन सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
P.I.C. के एजेंडे में बदलाव का भी आरोप
मामले ने उस समय और गंभीर मोड़ लिया, जब सरकारी दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ का आरोप सामने आया।
शिकायत के अनुसार, P.I.C. की बैठक के पूर्व निर्धारित एजेंडे में क्रमांक 21 पर वार्ड क्रमांक 3 में पचरी निर्माण पर चर्चा प्रस्तावित थी। आरोप है कि बाद में इसी एजेंडे में बदलाव कर महिला स्व-सहायता समूह का अनुबंध समाप्त करने संबंधी प्रस्ताव दर्ज कर दिया गया।
जांच के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष और परिषद लिपिक के बयान भी लिए गए। रिपोर्ट में इस मामले से जुड़े तथ्य सामने आने का उल्लेख किया गया है।
शिकायत के बाद 8.96 लाख का भुगतान, फिर भी सवाल
जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि महिलाओं की शिकायत के बाद 27 अगस्त को समूह की 8 लाख 96 हजार रुपये की लंबित राशि का भुगतान किया गया।
हालांकि, ‘वूमेन फॉर ट्री’ योजना से संबंधित राशि अब भी लंबित होने की बात सामने आई है। शिकायतकर्ताओं ने भुगतान की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
SDM की जांच रिपोर्ट के बाद FIR
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने 27 अगस्त को जांच दल गठित किया था। दल ने महिला सफाई कर्मियों और संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए और 10 सितंबर को रिपोर्ट सौंपी।
जांच रिपोर्ट में तत्कालीन CMO के खिलाफ लगाए गए आरोपों को गंभीर बताते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की गई। इसके बाद शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर बिलाईगढ़ पुलिस ने 1 अक्टूबर को FIR दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।
