पहली पत्नी जिंदा, तलाक भी नहीं…फिर कर ली दूसरी शादी! राज खुला तो गई सरपंची, SDM ने पद से किया बर्खास्त
दूसरी शादी को न्यायालय ने माना गंभीर पदीय दुराचरण, दस्तावेज और गवाहियों से आरोपों की पुष्टि; 24 अगस्त को जारी हुआ बर्खास्तगी आदेश

बेमेतरा। पहली पत्नी के जीवित रहते और बिना कानूनी तलाक लिए दूसरी शादी करना ग्राम पंचायत खंगारपाट के सरपंच कमल बघेल को भारी पड़ गया। मामले की सुनवाई के बाद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बेमेतरा के न्यायालय ने उनके आचरण को गंभीर पदीय दुराचरण मानते हुए सरपंच पद से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। इस संबंध में आदेश 24 अगस्त 2026 को जारी किया गया।
मामला छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम, 1993 की धारा 40 के तहत चलाया गया। सरपंच की पहली पत्नी हरिप्रिया बघेल ने एसडीएम न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर कमल बघेल को पद से हटाने की मांग की थी।
हरिप्रिया बघेल के अनुसार, उनका विवाह कमल बघेल के साथ 27 मार्च 2021 को आर्य समाज रायपुर में हुआ था। दोनों का एक पुत्र भी है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सरपंच निर्वाचित होने के बाद कमल बघेल ने उन्हें कथित तौर पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और घर से निकाल दिया।
इसके बाद कमल बघेल के साथ प्रीति बारले नाम की महिला के रहने की बात सामने आई। पहली पत्नी ने आरोप लगाया कि कमल बघेल ने उनके साथ वैवाहिक संबंध कायम रहते हुए दूसरी महिला को पत्नी के रूप में अपने साथ रखा। इसी आधार पर उन्होंने पंचायत अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्रवाई की मांग की।
सुनवाई में सामने आए दस्तावेज और गवाही
मामले की सुनवाई के दौरान सरपंच कमल बघेल की ओर से इसे व्यक्तिगत और पारिवारिक विवाद बताया गया। उन्होंने पंचायत अधिनियम के तहत पद से हटाने की कार्रवाई का विरोध करते हुए तर्क दिया कि पंचायत के कामकाज में किसी तरह की वित्तीय अनियमितता नहीं हुई है। हालांकि, न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेजों और गवाहियों की जांच के दौरान दूसरी शादी से जुड़े तथ्य सामने आए।
न्यायालय के समक्ष उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कमल बघेल ने 15 फरवरी 2026 को आर्य समाज भिलाई में प्रीति बारले से दूसरा विवाह किया था। सुनवाई के दौरान प्रतिपरीक्षण में सरपंच ने यह भी स्वीकार किया कि दूसरी महिला उनके घर में रह रही है। इसके अलावा जनपद पंचायत की संयुक्त जांच रिपोर्ट में भी उनके द्वारा दो पत्नियां रखने की पुष्टि किए जाने की बात सामने आई।
दूसरी शादी को माना गंभीर पदीय दुराचरण
एसडीएम न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद अपने आदेश में कहा कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि द्वारा पहली वैध पत्नी के रहते दूसरी महिला से विवाह करना और उसे साथ रखना सामाजिक मर्यादा, लोकनीति तथा सर्वमान्य सदाचार के विपरीत है।
न्यायालय ने इस आचरण को छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 40 के तहत गंभीर पदीय दुराचरण की श्रेणी में माना। साथ ही इसे महिलाओं के सम्मान पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला आचरण माना गया।
24 अगस्त को जारी हुआ बर्खास्तगी आदेश
मामले में उपलब्ध दस्तावेजों, गवाहियों और जांच रिपोर्ट पर विचार करने के बाद एसडीएम न्यायालय ने 24 अगस्त 2026 को आदेश जारी करते हुए कमल बघेल को ग्राम पंचायत खंगारपाट के सरपंच पद से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया।
यानी दूसरी शादी से जुड़ा यह मामला अब सिर्फ पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा असर उनके निर्वाचित पद पर पड़ा है।
सरपंच की कुर्सी गई, अब आगे क्या?
एसडीएम न्यायालय के आदेश के बाद कमल बघेल की सरपंच पद पर जिम्मेदारी समाप्त हो गई है। मामले में न्यायालय के आदेश के खिलाफ उपलब्ध वैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की संभावना भी बनी हुई है।
फिलहाल, इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह रही कि पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी के आरोपों पर पेश किए गए दस्तावेज, गवाहियां और जांच रिपोर्ट न्यायालय के सामने निर्णायक साबित हुए और सरपंच की कुर्सी चली गई। खंगारपाट पंचायत का यह मामला अब क्षेत्र में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
