1 करोड़ की रिश्वत, हवाला चैनल और वायरल ऑडियो! IPS पर गंभीर आरोप, ASI-आरक्षक लाइन अटैच, CBI कोर्ट ने DGP से मांगी रिपोर्ट

अंबिकापुर। हवाला चैनल के जरिए एक करोड़ रुपए से अधिक की कथित रिश्वत के लेनदेन से जुड़े वायरल ऑडियो ने छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मामले में अंबिकापुर के सीएसपी समेत तीन पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामला सामने आने के बाद आईजी दीपक झा ने साइबर थाना सरगुजा में पदस्थ एएसआई और आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया है।
मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया, जब दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने शिकायत पर महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए डीजीपी से पूरे प्रकरण की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने सीबीआई से भी शिकायत पर अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा प्रस्तुत करने को कहा है।
वायरल ऑडियो में IPS अधिकारी का नाम आने का दावा
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अंबिकापुर में पदस्थ आईपीएस अधिकारी राहुल बंसल ने साइबर थाना सरगुजा में पदस्थ एएसआई और आरक्षक के साथ मिलकर कथित आपराधिक षड्यंत्र रचा। आरोप है कि इसी कथित षड्यंत्र के तहत हवाला चैनल के जरिए एक करोड़ रुपए से अधिक की रिश्वत मांगी और स्वीकार की गई।
इस कथित लेनदेन से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया। वायरल ऑडियो में आईपीएस अधिकारी राहुल बंसल का नाम आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी ऑडियो की प्रामाणिकता या उसमें हुई बातचीत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
शिकायतकर्ता ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7ए तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 308 और 351 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। शिकायत के साथ शपथपत्र भी संलग्न किया गया है।
साइबर फ्रॉड केस से जुड़ा है पूरा मामला
आईजी दीपक झा के मुताबिक, साइबर थाने में फ्रॉड का एक मामला दर्ज है, जिसमें अलग-अलग राज्यों से अब तक 23 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। मामला अभी विवेचनाधीन है।
इसी मामले के विवेचक सीएसपी और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत में शिकायत की गई है। आईजी के अनुसार सीएसपी के खिलाफ शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
वायरल ऑडियो को भी जांच के दायरे में लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ऑडियो वास्तविक है या नहीं और उसमें जिन लोगों के बीच बातचीत होने का दावा किया जा रहा है, वे वास्तव में वही लोग हैं या नहीं।
जांच के बाद होगी वैधानिक कार्रवाई
आईजी दीपक झा ने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। न्यायालय के निर्देशों के अनुसार भी मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल एएसआई और आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया गया है। पुलिस विभाग का कहना है कि वायरल ऑडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
अब इस पूरे मामले में वायरल ऑडियो की सच्चाई, कथित हवाला लेनदेन और पुलिसकर्मियों पर लगाए गए रिश्वत के आरोपों की जांच पर सबकी नजर है। CBI कोर्ट द्वारा DGP से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगे जाने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
