CG News: कॉमनवेल्थ गेम्स की रजत विजेता ज्ञानेश्वरी यादव बनेंगी DSP, CM विष्णुदेव साय ने ₹30 लाख पुरस्कार का किया ऐलान
राजनांदगांव की बेटी को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन, मुख्यमंत्री बोले- पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण
रायपुर। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव को राज्य सरकार ने बड़ा सम्मान देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री निवास में उनका अभिनंदन करते हुए आउट ऑफ टर्न प्रमोशन के तहत उन्हें उप पुलिस अधीक्षक (DSP) बनाने और 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।
ज्ञानेश्वरी यादव वर्तमान में छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के पद पर कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और उनकी मेहनत, अनुशासन तथा समर्पण को सम्मानित करने के लिए सरकार ने यह विशेष निर्णय लिया है।
कॉमनवेल्थ गेम्स के अनुभव किए साझा
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगे के लिए खेलना उनके जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण था और रजत पदक वर्षों की कड़ी मेहनत, संघर्ष और समर्पण का परिणाम है।
DSP पदोन्नति पर जताया आभार
ज्ञानेश्वरी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा दिया गया यह सम्मान उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश की है।
युवाओं को दिया प्रेरक संदेश
ज्ञानेश्वरी यादव ने प्रदेश के युवाओं से मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि संकल्प मजबूत हो तो सीमित संसाधनों में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
राजनांदगांव की बेटी का हुआ भव्य स्वागत
रायपुर पहुंचने पर राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर अरुण साव ने भी उनका अभिनंदन करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
53 किलोग्राम वर्ग में जीता रजत पदक
ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि से भारत और छत्तीसगढ़ दोनों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान बढ़ा है।

