CG शिक्षा विभाग की बड़ी बैठक: ‘VSK App’ की उपस्थिति पर ही मिलेगा शिक्षकों को वेतन, ड्रॉपआउट बच्चों के लिए विशेष अभियान, पढ़िए बैठक के फैसले
रायपुर, 23 जून 2026। छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने कई कड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित संभागीय संयुक्त संचालकों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) की समीक्षा बैठक में नए शैक्षणिक सत्र को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
इस बैठक का सबसे बड़ा फैसला शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर है, जिसके तहत जुलाई 2026 से शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन केवल VSK App में दर्ज ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर ही जारी किया जाएगा। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय और निर्देश इस प्रकार हैं:
VSK App पर ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य
शिक्षा विभाग ने स्कूलों में डिजिटल मॉनिटरिंग को मजबूत करने के लिए VSK App का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। अब सभी शिक्षकों और संबंधित कर्मचारियों को इस ऐप पर पंजीयन करना होगा और नियमित ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करनी होगी। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि जुलाई से इसी ऐप के डेटा के आधार पर वेतन का भुगतान होगा, इसलिए इससे जुड़ी सभी तकनीकी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।
समय पर मिलेगी किताब, गणवेश और साइकिल
नए शैक्षणिक सत्र में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्कूल शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पाठ्यपुस्तकें, स्कूल यूनिफॉर्म (गणवेश) और साइकिल का वितरण पूरी तरह समय पर सुनिश्चित किया जाए। सभी जिलों में इस वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाएगी।
ड्रॉपआउट बच्चों के लिए 31 जुलाई तक विशेष अभियान
स्कूल छोड़ चुके (ड्रॉपआउट) बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। 31 जुलाई 2026 तक एक विशेष अभियान चलाकर ऐसे बच्चों का स्कूलों में पुनः प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा। जिला स्तर पर इसकी कड़ाई से मॉनिटरिंग होगी।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
समीक्षा बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता, शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और डिजिटल मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया गया। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि: “शिक्षा विभाग की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर विद्यार्थियों तक पहुंचना चाहिए। इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।













