इबोला वायरस को लेकर छत्तीसगढ़ अलर्ट: रायपुर एयरपोर्ट पर बढ़ेगी निगरानी, नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश
रायपुर, 25 मई 2026। अफ्रीकी देशों में तेजी से फैल रहे इबोला वायरस संक्रमण को लेकर छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर एयरपोर्ट पर विशेष निगरानी व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को पत्र जारी कर एयरपोर्ट पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं।
जारी निर्देशों में कहा गया है कि एयरपोर्ट पर आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की स्वास्थ्य जांच, स्क्रीनिंग और संदिग्ध मामलों की पहचान के लिए विशेष प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नियुक्त नोडल अधिकारी यात्रियों की स्वास्थ्य निगरानी के साथ-साथ संदिग्ध मरीजों की तत्काल सूचना स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाने, आइसोलेशन और रेफरल व्यवस्था बनाए रखने तथा आपातकालीन स्वास्थ्य प्रबंधन की निगरानी करेंगे।

स्वास्थ्य विभाग ने खासतौर पर उन यात्रियों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं, जो अफ्रीकी देशों से लौट रहे हैं। विभाग का कहना है कि संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही रोकना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार कांगो और युगांडा में बंडीबुग्यो स्ट्रेन के इबोला संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कई इलाकों में बड़ी संख्या में संदिग्ध मरीज सामने आए हैं और मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा है। स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह जारी की है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इबोला वायरस अत्यंत घातक संक्रमण माना जाता है, जो संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक द्रवों के संपर्क से फैलता है। इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, उल्टी, दस्त, गले में दर्द और शरीर में दर्द शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी गई है।
रायपुर एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ाने के पीछे स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य विदेशों से आने वाले यात्रियों की समय रहते जांच कर किसी भी संभावित संक्रमण को फैलने से रोकना है।











