अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत: हाईकोर्ट के उम्रकैद फैसले पर लगी रोक

नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में पूर्व विधायक अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
दरअसल, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अप्रैल 2026 में अपने फैसले में ट्रायल कोर्ट के बरी करने के आदेश को पलटते हुए अमित जोगी को हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी ठहराया था। कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश भी दिया था।
हाईकोर्ट का यह फैसला 2003 में हुए एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की हत्या से जुड़ा है। इस मामले में पहले 2007 में ट्रायल कोर्ट ने अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था, लेकिन सीबीआई और शिकायतकर्ता की अपील पर हाईकोर्ट ने इस फैसले को पलट दिया।
हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। अब शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ दिए गए उम्रकैद के आदेश पर रोक लगाते हुए मामले की आगे सुनवाई के लिए समय दिया है। इससे फिलहाल उन्हें बड़ी कानूनी राहत मिल गई है।
बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में विस्तृत सुनवाई करेगा, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह केस छत्तीसगढ़ की राजनीति से जुड़ा एक हाई-प्रोफाइल मामला माना जाता है, जिस पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।









