बिलासपुर यूनिवर्सिटी में NSUI का हल्ला बोल; छात्रसंघ चुनाव बहाली और रिजल्ट गड़बड़ी को लेकर NSUI का उग्र प्रदर्शन, सैकड़ों छात्रों ने किया हंगामा
बिलासपुर, 6 अप्रैल 2026। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने प्रदेशभर में छात्रसंघ चुनाव की बहाली और परीक्षा परिणामों में हो रही अनियमितताओं को लेकर व्यापक आंदोलन छेड़ दिया है। इसी कड़ी में अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, कोनी में सैकड़ों छात्रों और NSUI कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय प्रशासन और शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस आंदोलन का नेतृत्व NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्की शुशांक मिश्रा ने किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने दो प्रमुख मांगों को लेकर आवाज बुलंद की—प्रदेश के सभी कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव की तत्काल बहाली और विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणामों में लगातार हो रही गड़बड़ियों पर रोक।

छात्रों का आरोप है कि हर साल और हर सेमेस्टर में जल्दबाजी में रिजल्ट जारी किए जाते हैं, जिससे भारी त्रुटियां सामने आती हैं। कई छात्रों को परीक्षा देने के बावजूद अनुपस्थित दिखाया जाता है, तो कई के अंक सही तरीके से जोड़े ही नहीं जाते। इन खामियों के कारण छात्रों को मानसिक परेशानी के साथ-साथ बार-बार विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
प्रदर्शन के बाद NSUI प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि परीक्षा परिणाम प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाया जाए तथा पूर्व में हुई गड़बड़ियों का जल्द समाधान किया जाए।

नेताओं के तीखे तेवर
NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष लक्की शुशांक मिश्रा ने कहा कि यह आंदोलन छात्रों के अधिकार और सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द छात्रसंघ चुनाव बहाल नहीं किए गए और रिजल्ट सुधार नहीं हुआ, तो संगठन उग्र आंदोलन और कलेक्टर घेराव तक जाएगा।
प्रदेश संयोजक फरहान खान ने कहा कि छात्र अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और प्रशासन की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, उमर अहमद ने इसे निर्णायक संघर्ष बताते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

जिला उपाध्यक्ष अदिति वर्मा ने कहा कि छात्रों के अधिकारों से खिलवाड़ किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आंदोलन की चेतावनी
NSUI ने शासन-प्रशासन को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं, तो प्रदेशभर में चरणबद्ध उग्र आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में NSUI पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र मौजूद रहे।








