570 करोड़ के कोल लेवी केस में आज बड़ा मोड़: EOW दाखिल करेगी फाइनल चार्जशीट, MLA देवेंद्र यादव, IAS जेपी मौर्य समेत 9 तलब

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 570 करोड़ रुपये के कथित कोल लेवी घोटाले में आज, सोमवार 5 अक्टूबर को बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आने वाला है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) मामले में अंतिम आरोप पत्र (फाइनल चार्जशीट) रायपुर की विशेष अदालत में पेश करने की तैयारी में है। इसी सिलसिले में विशेष न्यायालय ने कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय, कारोबारी रामगोपाल अग्रवाल, IAS अधिकारी जयप्रकाश मौर्य और दीपेश टांक समेत 9 आरोपियों को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किया है।
सभी आरोपियों को 5 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गठित विशेष न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। EOW का कहना है कि FIR में नामजद आरोपियों के खिलाफ जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन रिपोर्ट/चार्जशीट पेश की जाएगी।
9 आरोपियों को कोर्ट ने किया तलब
मामले में जिन प्रमुख आरोपियों को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं, उनमें कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय, रामगोपाल अग्रवाल, IAS जयप्रकाश मौर्य और दीपेश टांक समेत कुल 9 आरोपी शामिल हैं। EOW पिछले करीब दो वर्षों से इस मामले की जांच कर रही है और इससे पहले भी कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
क्या है 570 करोड़ का कोल लेवी मामला?
जांच एजेंसियों के मुताबिक मामला 2020 से 2022 के बीच कोयला परिवहन से जुड़ी कथित अवैध वसूली का है। आरोप है कि कोयला परिवहन की ऑनलाइन परमिट व्यवस्था को हटाकर मैन्युअल NOC सिस्टम लागू किया गया और इसके बाद प्रति टन 25 रुपये की कथित अवैध लेवी वसूली जाने लगी।
जांच एजेंसियों के दावे के अनुसार इस नेटवर्क से प्रतिदिन करीब 2 से 3 करोड़ रुपये की अवैध वसूली होती थी। अलग-अलग जांच में कुल अवैध वसूली का आंकड़ा करीब 500 से 570 करोड़ रुपये के बीच बताया गया है।
‘D नवाज’ कोडवर्ड और चुनावी फंडिंग का आरोप
जांच से जुड़े दस्तावेजों में कथित तौर पर पैसों के लेन-देन के लिए ‘D नवाज’ जैसे कोडवर्ड के इस्तेमाल का उल्लेख सामने आया है। एजेंसियों का आरोप है कि अवैध वसूली से प्राप्त रकम का इस्तेमाल संपत्ति खरीदने, व्यक्तिगत लाभ और चुनावी गतिविधियों में किया गया। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अदालत की कार्यवाही के बाद ही सामने आएगा।
जांच में नेताओं और अफसरों के नाम
EOW और ED की जांच से जुड़े दस्तावेजों में कई नेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों के नाम सामने आने की बात कही गई है। जांच एजेंसी के अनुसार सूर्यकांत तिवारी से जुड़े दस्तावेजों और डायरी में कथित लेन-देन का विवरण मिला था।
EOW के मुताबिक मामले में पहले भी कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अब आज पेश होने वाली अंतिम चार्जशीट के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया में आगे की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
170 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का दावा
जांच से जुड़ी हालिया रिपोर्टों में आरोपियों से संबंधित करीब 170 करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी संपत्ति जब्त किए जाने का दावा किया गया है। वहीं कुछ रिपोर्टों में ED की कार्रवाई के तहत इससे अधिक संपत्तियां अटैच किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। संपत्तियों और कथित रकम को लेकर अलग-अलग जांच एजेंसियों की कार्रवाई के आंकड़े अलग हो सकते हैं।
अब सबकी नजरें आज रायपुर की विशेष अदालत पर हैं, जहां EOW की फाइनल चार्जशीट पेश होने के बाद इस बहुचर्चित मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
