बिग ब्रेकिंग : लॉकडाउन-2 पर सरकार की नई और सख्त गाइडलाइन जारी, जानिए किन इलाकों में, किन लोगों को लॉकडाउन से छूट….जानें नई गाइडलाइंस में क्या है

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को लॉकडाउन 2.0 के दौरान कम जोखिम वाले क्षेत्रों में छूट संबंधी गाइलाइन जारी की है । कोरोना मुक्त इलाकों में यह छूट 20 अप्रैल से लागू होगी । कटाई और आने वाले दिनों में नए बुवाई सीजन के शुरू होने के मद्देनजर खेती-किसानी से जुड़े कामों को खास छूट दी गई है। हालांकि, इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। कंस्ट्रक्शन ऐक्टिविटीज को भी शर्तों के साथ सीमित छूट दी गई है। लॉकडाउन 2.0 के दौरान इन गतिविधियों पर छूट रहेगी । इसके साथ ही कोरोना से मुक्त इलाकों में लॉकडाउन के मद्देनजर रोजमर्रा की दिक्कतों को दूर करने की कोशिशें भी की गई हैं ।


– लॉकडाइन के पहले 21 दिनों की तरह 3 मई तक चलने वाले दूसरे चरण में भी हेल्थ सर्विसेज चालू रहेंगी।

कृषि और पशुपालन उद्योग को क्या-क्या छूट

– खेती से जुड़ी सभी गतिविधियां चालू रहेंगी, किसानों और कृषि मजदूरों को हार्वेस्टिंग से जुड़े काम करने की छूट रहेगी

– कृषि उपकरणों की दुकानें, उनके मरम्मत और स्पेयर पार्ट्स की दुकानें खुली रहेंगी

– खाद, बीज, कीटनाशकों के निर्माण और वितरण की गतिविधियां चालू रहेंगी, इनकी दुकानें खुली रहेंगी

– कटाई से जुड़ी मशीनों (कंपाइन) के एक राज्य से दूसरे राज्य में मूवमेंट पर कोई रोक नहीं रहेगी

– मछली पालन से जुड़ी गतिविधियां, ट्रांसपोर्ट चालू रहेंगी

– दूध और दुग्ध उत्पाद के प्लांट और इनकी सप्लाई चालू रहेगी

– मवेशियों के चारा से जुड़े प्लांट, रॉ मटिरिलय की सप्लाई चालू रहेगी

इन इंडस्ट्री को लॉकडाउन 2.0 में छूट

– ग्रामीण क्षेत्रों में (जो म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन या म्यूनिसिपलिटी के तहत न हों) काम करने वाले उद्योगों को छूट

-स्पेशल इकनॉमिक जोन में मैन्यूफैक्चरिंग और दूसरे औद्योगिक संस्थानों, निर्यात से जुड़ी इकाइयों को शर्तों के साथ छूट। यहां ये उद्योग अपना काम शुरू कर सकते हैं लेकिन उन्हें वर्करों को अपने परिसर में ही ठहराने का भी इंतजाम करना होगा। वर्करों को वर्कप्लेस पर लाने की जिम्मेदारी नियोक्ता की होगी और उसे इस दौरान सोशल डिस्टेसिंग के मानकों का पालन करना होगा।

– दवा, फार्मा, मेडिकल डिवाइसेज समेत जरूरी सामानों के निर्माण और रॉ मटिरियल्स से जुड़ीं इकाइयों को छूट

-ग्रामीण क्षेत्रों में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को काम करने की इजाजत

-आईटी हार्डवेयर के निर्माण की छूट

-पैकेजिंग मरटिरियल्स की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स को छूट

-जूट इंडस्ट्री को छूट, अलग-अलग शिफ्ट में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए

-ग्रामीण इलाकों में ईंट भट्ठों को इस बार छूट

इन निर्माण गतिविधियों को छूट

– सड़क की मरम्मत और निर्माण को छूट, जहां भीड़ नहीं हो

– सड़क निर्माण, सिंचाई परियोजनाओं, बिल्डिंग निर्माण को छूट

– ग्रामीण क्षेत्र में सभी तरह के इंडस्ट्रियल प्रॉजेक्ट्स (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों समेत) को छूट

-रीन्यूएबल एनर्जी के निर्माण को छूट

-शहरी क्षेत्रों में भी कंस्ट्रक्शन वर्क को छूट लेकिन सिर्फ उन्हीं को जहां साइट पर ही वर्कर उपलब्ध हैं

बैंकिंग, पोस्टल सर्विसेज

– बैंक शाखाएं, एटीएम, पोस्टल सर्विसेज चालू रहेंगी

– ऑनलाइन टीचिंग और डिस्टेंस लर्निंग को प्रोत्साहित किया जाएगा

ग्रामीण रोजगार के लिए छूट

– मनरेगा के काम की इजाजत रहेगी, सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करते हुए

– मनरेगा के कामों को सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करते हुए किया जाएगा

– मनरेगा में सिंचाई और वॉटर कंजर्वेशन से जुड़े कामों को प्राथमिकता दी जाएगी

इमर्जेंसी में प्राइवेट गाड़ियों के मूवमेंट को शर्तों के साथ इजाजत

– इमर्जेंसी के हालात में फोर वीलर में ड्राइवर के अलावा केवल एक ही रहेगा

– दुपहिया पर सिर्फ एक ही शख्स यानी उसका चालक सवार हो सकता है, उल्लंघन करने पर जुर्माना

– कोई शख्स क्वारंटीन किया गया है मगर नियमों का उल्लंघन करता है तो आईपीईस की धारा 188 के तहत कार्रवाई

– तेल और गैस सेक्टर का ऑपरेशन चलता रहेगा, इनसे जुड़ीं ट्रांसपोर्टेशन, डिस्ट्रिब्यूशन, स्टोरेज और रिटेल से जुड़ी गतिविधियां चलती रहेंगी

– ई-कॉमर्स कंपनियों की गतिविधियों, इनके ऑपरेटरों की गाड़ियों को छूट, इसके लिए इजाजत लेनी होगी

सरकारी काम में लगे कॉल सेंटरों को भी छूट

– सरकारी काम में लगीं डेटा और कॉल सेंटर सर्विसेज को इजाजत

-प्राइवेट सिक्यॉरिटी सर्विसेज को इजाजत

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