छत्तीसगढ़ में कब बदलेगा PCC अध्यक्ष? सिंहदेव के बाद महंत के बयान से बढ़ी अटकलें, संगठनात्मक बदलाव के संकेत तेज़
रायपुर, 8 जून 2026। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संभावित संगठनात्मक फेरबदल को लेकर चर्चाओं के बीच नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत का महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें संगठन में बदलाव की संभावना जताई गई थी।
रायपुर में मीडिया से चर्चा करते हुए डॉ. महंत ने कहा कि वह टीएस सिंहदेव की बातों से सहमत हैं और कांग्रेस संगठन में समय तथा परिस्थितियों के अनुरूप बदलाव की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पार्टी लगातार संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है और आवश्यकतानुसार नेतृत्व स्तर पर निर्णय लिए जा सकते हैं।

पांच राज्यों के चुनाव के बाद बढ़ सकती है हलचल
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन चुनावों के मद्देनजर पार्टी संगठन विभिन्न स्तरों पर रणनीति तैयार कर रहा है। चुनावी नतीजों और संगठनात्मक जरूरतों के आधार पर आगे बदलाव की प्रक्रिया पर विचार किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रशिक्षण शिविरों और संगठनात्मक कार्यक्रमों के बाद पार्टी नेतृत्व स्थिति की समीक्षा करेगा और उसी के अनुसार निर्णय लिए जाएंगे।

दीपक बैज के बने रहने की संभावना भी बरकरार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर चल रही अटकलों पर डॉ. महंत ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि बदलाव ही हो। वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज भी अपने पद पर बने रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान और संगठनात्मक समीक्षा के बाद ही होगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा होने तक बड़े बदलाव की जरूरत नहीं
डॉ. महंत ने कहा कि जिला कांग्रेस अध्यक्षों के प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी हैं और जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी बड़े बदलाव की तत्काल आवश्यकता नहीं दिखती। उन्होंने संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने को पार्टी की प्राथमिकता बताया।

संगठन को धार देने की तैयारी
प्रदेश कांग्रेस इन दिनों संगठन को नए सिरे से सक्रिय और मजबूत करने की कवायद में जुटी है। ऐसे में संगठनात्मक बदलावों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि अब तक पार्टी की ओर से किसी बड़े फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। कांग्रेस के आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों और केंद्रीय नेतृत्व के फैसलों पर प्रदेश की राजनीति की नजरें टिकी हुई हैं।










