CG-बीयर लवर्स के लिए बड़ी खबर! अब छत्तीसगढ़ में भी मिलेगी अलग-अलग फ्लेवर वाली ‘ताजा बीयर’; जानिए क्या है सरकार का नया प्लान और लाइसेंस के नियम

रायपुर, 27 जून 2026। छत्तीसगढ़ में बीयर के शौकीनों के लिए एक बेहद दिलचस्प और अच्छी खबर है। कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और गोवा की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ (CG) में भी अलग-अलग फ्लेवर वाली फ्रेश यानी क्राफ्ट बीयर (Craft Beer) का स्वाद मिल सकेगा। राज्य सरकार ने प्रदेश में माइक्रो ब्रुअरी (Micro Brewery) खोलने की हरी झंडी दे दी है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से न सिर्फ लोगों को एक नया और फ्रेश विकल्प मिलेगा, बल्कि राज्य के टूरिज्म और होटल-रेस्टोरेंट कारोबार को भी बड़ा बूस्ट मिलेगा।
क्या होती है माइक्रो ब्रुअरी और क्राफ्ट बीयर?
सरल शब्दों में कहें तो माइक्रो ब्रुअरी एक तरह का ‘मिनी बीयर प्लांट’ होता है, जो किसी बड़े होटल या रेस्टोरेंट के भीतर ही स्थापित किया जाता है। यहाँ बोतलबंद या प्रिजर्वेटिव वाली बीयर के बजाय मशीनों से सीधे ताजा (फ्रेश) बीयर तैयार की जाती है। इसमें ग्राहकों की पसंद के हिसाब से अलग-अलग नेचुरल फ्लेवर्स (जैसे फ्रूट या खास ग्रेन्स) की बीयर बनाई जाती है। इस बीयर को बोतलों में बंद करके बाहर नहीं बेचा जाता, बल्कि रेस्टोरेंट में आने वाले ग्राहकों को सीधे ग्लास में सर्व किया जाता है।
इन राज्यों की लीग में शामिल होगा छत्तीसगढ़
वर्तमान में बेंगलुरु को देश की ‘क्राफ्ट बीयर कैपिटल’ माना जाता है, जहाँ इसका सबसे बड़ा मार्केट है। इसके अलावा कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा (गुरुग्राम), पंजाब और गोवा जैसे राज्यों में माइक्रो ब्रुअरी का चलन काफी पुराना और लोकप्रिय है। अब छत्तीसगढ़ भी इस खास एलीट लिस्ट में शामिल होने जा रहा है।
लाइसेंस फीस में बड़ी राहत, जानिए क्या हैं नियम व शर्तें?
छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने माइक्रो ब्रुअरी का लाइसेंस जारी करने के लिए नियम और शर्तें तय कर दी हैं। सरकार ने इस बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए फीस में भारी कटौती भी की है, पहले जहां माइक्रो ब्रुअरी के लाइसेंस के लिए सालाना 25 लाख रुपये की भारी-भरकम फीस तय थी, उसे अब घटाकर मात्र 10 लाख रुपये कर दिया गया है। लाइसेंस मिलते ही कारोबारियों को कुल लाइसेंस फीस का 25 प्रतिशत हिस्सा (यानी करीब 2.5 लाख रुपये) सुरक्षा राशि (Security Deposit) के रूप में एडवांस जमा करना होगा। माइक्रो ब्रुअरी का प्लांट शुरू करने के लिए रेस्टोरेंट या होटल के पास कम से कम 4,000 वर्ग फीट (Sq. Ft.) का एरिया होना अनिवार्य है। नियमों के मुताबिक, एक माइक्रो ब्रुअरी प्लांट में प्रतिदिन अधिकतम 1,000 लीटर क्राफ्ट बीयर बनाने की ही अनुमति होगी।
एक तीर से कई निशाने: सरकार और बिजनेस दोनों को फायदा
राज्य सरकार को इस फैसले से तिहरे फायदे की उम्मीद है: आबकारी विभाग को लाइसेंस फीस और टैक्स के जरिए बड़ी कमाई होगी, प्रदेश के बड़े शहरों (रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई) में होटल और रेस्टोरेंट बिजनेस को नए ग्राहक मिलेंगे, जिससे रोजगार बढ़ेगा, बीयर लवर्स को अब छत्तीसगढ़ में ही मेट्रो शहरों जैसा इंटरनेशनल एक्सपीरियंस मिल सकेगा। आबकारी विभाग जल्द ही इसके लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन मंगाने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।
1 ग्लास क्राफ्ट बीयर की कीमत
बात अगर कीमत की करें तो सरकार ने माइक्रो ब्रुअरी में तैयार की जाने वाली क्राफ्ट बीयर पर 60 रुपये प्रति बल्क लीटर उत्पाद शुल्क तय किया है. वहीं 1 गिलास क्राफ्ट बीयर की अनुमानित कीमत 250 से 300 रुपये तक हो सकती है.


