GGU साहित्य के अपमान पर बवाल: कुलपति के खिलाफ कांग्रेस का मोर्चा, राष्ट्रपति तक पहुंचा मामला

बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में वरिष्ठ कथाकार मनोज रूपड़ा के कथित अपमान का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति पर गंभीर आरोप लगाए हैं और उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की है।


पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि कुलपति जैसे गरिमामय पद पर बैठे व्यक्ति से इस तरह के व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि साहित्यकारों का अपमान न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि अकादमिक मूल्यों के भी खिलाफ है। सिंहदेव ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए तत्काल माफी की मांग की।


वहीं, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने इस पूरे मामले को लेकर राष्ट्रपति को पत्र लिखकर हस्तक्षेप और उचित कार्रवाई की मांग की है। यादव ने कहा कि साहित्यकार मनोज रूपड़ा को कार्यक्रम से बाहर जाने के लिए मजबूर किया जाना लोकतांत्रिक और शैक्षणिक परंपराओं के विरुद्ध है।


पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सोशल मीडिया पर घटना की निंदा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों में साहित्य और संस्कृति का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने इस व्यवहार को अस्वीकार्य करार दिया।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल का रवैया अपमानजनक रहा और इससे साहित्यिक जगत की भावनाएं आहत हुई हैं। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई और माफी नहीं दी गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।


फिलहाल, यह मामला प्रदेश की राजनीति और साहित्यिक जगत दोनों में चर्चा का विषय बना हुआ है, और सभी की निगाहें अब विश्वविद्यालय प्रशासन और केंद्र सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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