नगरीय प्रशासन की कमान अब सोनमणि बोरा के हाथों, प्रमुख सचिव का संभाला पदभार
रायपुर-बिलासपुर सहित कई शहरों के विकास का लंबा अनुभव, बोले- जनता से जुड़ी योजनाएं होंगी प्राथमिकता

रायपुर, 19 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ IAS अधिकारी सोनमणि बोरा (1999 बैच) ने बुधवार को प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का कार्यभार संभाल लिया। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने 18 अगस्त को जारी आदेश में उन्हें इस पद पर पदस्थ किया था।
कार्यभार संभालने के बाद बोरा ने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं, कार्यक्रमों और चल रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता से सीधे जुड़े कार्यक्रमों और मूलभूत सुविधाओं से संबंधित योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
रायपुर के शहरी विकास का रहा लंबा अनुभव
सोनमणि बोरा का नगरीय प्रशासन और शहरी विकास के क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। वे रायपुर नगर निगम, रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) और बिलासपुर विकास प्राधिकरण (BDA) में आयुक्त एवं CEO की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
राज्य गठन के बाद रायपुर को राजधानी के रूप में विकसित करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके अलावा कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली और बिलासपुर सहित कई जिलों के प्रशासनिक एवं विकास कार्यों में भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाई है।
सफाई से लेकर तालाबों के पुनरोद्धार तक कई काम
रायपुर में उनके कार्यकाल के दौरान सफाई मित्र योजना, बूढ़ातालाब समेत अन्य तालाबों के संवर्धन एवं पुनरोद्धार, महादेव घाट में मूर्ति विसर्जन के लिए स्थान निर्धारित करने और नगरीय क्षेत्रों के स्कूलों के कायाकल्प जैसे कार्य हुए।
इसके अलावा रायपुर नगर निगम में जन्म-मृत्यु पंजीयन को ऑनलाइन करने, लेखा व्यवस्था को मैनुअल से सॉफ्टवेयर आधारित बनाने तथा संचालन एवं संधारण कार्यों को प्रिवेंटिव मेंटेनेंस के रूप में शामिल करने जैसे प्रशासनिक सुधार भी किए गए।
पहले इन विभागों की संभाल रहे थे जिम्मेदारी
प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन का दायित्व मिलने से पहले बोरा आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव थे। इसके साथ ही वे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।
अब नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद शहरी क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं, नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
