तखतपुर थाने में SSP की सरप्राइज विजिट… 3 आरक्षक लाइन अटैच; CM हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा, अवैध शराब और संगठित अपराध पर सख्ती के निर्देश

बिलासपुर/तखतपुर। बिलासपुर जिले के तखतपुर थाने में रविवार को उस समय पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई, जब एसएसपी रजनेश सिंह ने अचानक थाने का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान थाना की कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और बीट व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की गई। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने तखतपुर थाने में पदस्थ तीन आरक्षकों को लाइन अटैच करने की कार्रवाई की। लाइन अटैच किए गए आरक्षकों में ओमकार राजपूत, आशीष वस्त्रकार और प्रकाश ठाकुर शामिल हैं। एसएसपी की इस कार्रवाई को पुलिसिंग में लापरवाही और शिकायतों को गंभीरता से लेने के मामले में सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान तखतपुर थाना क्षेत्र की कानून-व्यवस्था की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि थाना क्षेत्र में कुल 79 गांव आते हैं, जिनमें से 14 गांवों को झगड़ालू गांव के रूप में चिन्हित किया गया है। इन गांवों में अवैध शराब, मारपीट और जमीन विवाद से जुड़ी शिकायतें अपेक्षाकृत अधिक सामने आने की जानकारी दी गई। एसएसपी ने इन संवेदनशील गांवों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बढ़ाने और लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों से कहा कि संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त हो और विवाद की स्थिति बनने से पहले ही पुलिस को हस्तक्षेप करना चाहिए।
अवैध शराब पर अब और सख्ती
एसएसपी रजनेश सिंह ने अवैध शराब के कारोबार को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। बार-बार अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और बाउंड ओवर की कार्रवाई करने कहा गया। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि संबंधित व्यक्ति बाउंड का उल्लंघन करता है तो नियमानुसार राशि जब्त करने की कार्रवाई की जाए।
महिला आरोपियों से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। एसएसपी ने कहा कि अवैध शराब के कारोबार में शामिल महिलाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ उन्हें महिला स्व-सहायता समूहों और शासन की योजनाओं से जोड़कर वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जाएं।
19 CM हेल्पलाइन शिकायतों की खुली फाइल
औचक निरीक्षण के दौरान 19 सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा चरित्र सत्यापन से जुड़े मामलों की स्थिति भी देखी गई।
एसएसपी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम लोगों से मिलने वाली शिकायतों के निराकरण में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। लंबित शिकायतों को समय-सीमा में निपटाने और प्रत्येक मामले का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
संगठित अपराध पर BNS की धारा 112 के तहत कार्रवाई
एसएसपी ने थाना क्षेत्र में संगठित अपराध से जुड़े लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112 के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बीट व्यवस्था को मजबूत करने, संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त बढ़ाने और अपराध की आशंका वाले लोगों तथा गतिविधियों पर लगातार नजर रखने को कहा।
एसएसपी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी सिर्फ किसी घटना के बाद नहीं, बल्कि अपराध होने से पहले रोकथाम के स्तर पर भी दिखाई देनी चाहिए।
तीन आरक्षकों को लाइन अटैच करने से पुलिस महकमे में संदेश
लगातार मिल रही शिकायतों के बीच औचक निरीक्षण के दौरान तीन आरक्षकों को लाइन अटैच किए जाने की कार्रवाई को पुलिस महकमे में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह संदेश गया है कि शिकायतों और थाना स्तर की कार्यप्रणाली को लेकर वरिष्ठ अधिकारी अब सीधे निगरानी कर रहे हैं।
हालांकि, लाइन अटैच की कार्रवाई के पीछे प्रत्येक आरक्षक के खिलाफ किस शिकायत या विशेष मामले को आधार बनाया गया, इसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है। औचक निरीक्षण के दौरान एसडीओपी कोटा नूपुर उपाध्याय और तखतपुर थाना प्रभारी अवनीश पासवान सहित थाना स्टाफ मौजूद रहा।
79 गांवों पर नजर, 14 संवेदनशील
तखतपुर थाना क्षेत्र में 79 गांव हैं और इनमें 14 गांवों को संवेदनशील अथवा झगड़ालू गांव के रूप में चिन्हित किया गया है। अवैध शराब, मारपीट और जमीन विवाद जैसी शिकायतों को देखते हुए अब इन क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
SSP के औचक निरीक्षण और तीन आरक्षकों पर कार्रवाई के बाद अब तखतपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी और सख्त होने के संकेत हैं।
