सूरत में गुजराती थाली खाते दिखे अमित जोगी, इधर रायपुर पुलिस कर रही तलाश; घर पर चस्पा हुआ नोटिस, 9 नवंबर को थाने में होंगे पेश!

Amit Jogi Controversy: छत्तीसगढ़ की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी के बेटे और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी एक बार फिर विवादों में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर दर्ज FIR के बाद अब पुलिस की पूछताछ को लेकर मामला चर्चा में है। इसी बीच गुजरात के सूरत से उनकी एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें वे गुजराती थाली का आनंद लेते नजर आ रहे हैं। तस्वीर सामने आने के बाद उनके प्रदेश से बाहर होने और पुलिस के सामने पेशी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

दरअसल, इस पूरे विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो से हुई। अमित जोगी ने कथित तौर पर वोट चोरी के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए ‘ज्ञानु और जानू’ नाम से एक वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो में दोनों के नामों को लेकर व्यंग्यात्मक अंदाज में शादी और हनीमून से जुड़े दृश्य दिखाए गए थे।
वीडियो सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई। भाजपा नेताओं का आरोप था कि वीडियो के जरिए प्रधानमंत्री और देश के मुख्य चुनाव आयुक्त जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है।
इसके बाद रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में भाजपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल सिविल लाइंस थाने पहुंचा और अमित जोगी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। भाजपा ने वीडियो बनाने, उसकी पटकथा तैयार करने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने में शामिल लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के मुताबिक, भाजपा की शिकायत पर पुलिस ने अमित जोगी के खिलाफ FIR दर्ज की है। रिपोर्टों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 352, 353(2), 356(2) और आईटी एक्ट की धारा 67 का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन धाराओं की स्वतंत्र पुष्टि आधिकारिक FIR की प्रति से किया जाना जरूरी है।
वीडियो हटाया, अमित जोगी ने मांगी थी माफी
विवाद बढ़ने के बाद अमित जोगी ने सोशल मीडिया से संबंधित वीडियो हटा दिया था। साथ ही उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। उनके स्पष्टीकरण को लेकर सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने स्वीकार किया था कि राजनीतिक विचार व्यक्त करने का यह तरीका उचित नहीं था और इससे आहत हुए लोगों से क्षमा मांगी थी।
हालांकि, वीडियो हटाने और माफी मांगने के बावजूद मामला खत्म नहीं हुआ। भाजपा नेताओं की शिकायत के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई और अब इस मामले में अमित जोगी का बयान दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।

घर पर पुलिस ने चस्पा किया नोटिस, 24 घंटे में मांगा जवाब
FIR दर्ज होने के बाद रायपुर पुलिस अमित जोगी से पूछताछ करना चाहती है। इसी सिलसिले में पुलिस उनके निवास पर पहुंची और वहां नोटिस चस्पा किए जाने की खबर सामने आई है।
जानकारी के अनुसार में पुलिस की ओर से 24 घंटे के भीतर थाने में उपस्थित होने के लिए कहे जाने का उल्लेख है। पुलिस इस मामले में वीडियो से जुड़े तथ्यों, सोशल मीडिया पोस्ट और अमित जोगी की भूमिका के संबंध में उनका पक्ष जानना चाहती है।
लेकिन पुलिस की इस कार्रवाई के बीच अमित जोगी की सूरत में मौजूदगी की तस्वीर सामने आने से मामला और चर्चा में आ गया।
सूरत में गुजराती थाली खाते दिखे अमित जोगी
रायपुर में पुलिस के नोटिस और पूछताछ की खबरों के बीच अमित जोगी गुजरात के सूरत में नजर आए। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीर में वे गुजराती थाली का आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं।
तस्वीर सामने आने के बाद राजनीतिक और सोशल मीडिया हलकों में सवाल उठने लगे कि जब रायपुर पुलिस उनसे पूछताछ करना चाहती है, तब वे छत्तीसगढ़ से बाहर क्यों हैं? कुछ जगह उनके फरार होने तक की चर्चाएं शुरू हो गईं।
हालांकि, केवल प्रदेश से बाहर होने या सूरत में तस्वीर सामने आने के आधार पर उन्हें फरार घोषित करना उचित नहीं होगा। इस संबंध में उनकी पार्टी ने अपना पक्ष सामने रखा है।
पार्टी ने कहा- फरार नहीं हैं अमित जोगी, पहले से तय था गुजरात दौरा
अमित जोगी के फरार होने की खबरों पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने सफाई दी है। पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री निलेश चौहान ने बयान जारी कर इन खबरों को भ्रामक बताया।
पार्टी के मुताबिक, अमित जोगी का 2 नवंबर से 8 नवंबर तक प्रदेश से बाहर रहने का कार्यक्रम पहले से निर्धारित था। वे निजी कार्यक्रम के सिलसिले में गुजरात गए हुए हैं।
पार्टी ने यह भी दावा किया है कि अमित जोगी ने अपने प्रदेश से बाहर रहने की जानकारी संबंधित थाना प्रभारियों को ईमेल के माध्यम से दे दी है। उन्होंने जांच में सहयोग करने की बात भी कही है।
9 नवंबर को थाने में पेश होने का दावा
इस पूरे मामले में सबसे अहम बात अमित जोगी की प्रस्तावित पेशी को लेकर है। पार्टी का कहना है कि अमित जोगी 9 नवंबर को संबंधित थाने में उपस्थित होकर पुलिस के सवालों का जवाब देंगे।
इस तरह एक तरफ पुलिस की ओर से पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए जाने की खबर है, तो दूसरी तरफ पार्टी ने उनकी पेशी की तारीख भी बता दी है।
अब देखना होगा कि अमित जोगी 9 नवंबर को रायपुर पहुंचकर पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराते हैं या नहीं।

कांग्रेस में वापसी की चर्चाओं के बीच नया विवाद
अमित जोगी का यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब छत्तीसगढ़ की राजनीति में उनकी कांग्रेस में वापसी को लेकर भी चर्चाएं चल रही थीं।
सितंबर 2026 में इस मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आए थे। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने वापसी का समर्थन किया था, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव ने इस पर असहमति जताई थी।
ऐसे में अब नए वीडियो विवाद और पुलिस की कार्रवाई ने अमित जोगी को फिर से राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
अब 9 नवंबर पर टिकी निगाहें
फिलहाल इस पूरे प्रकरण में तीन बातें महत्वपूर्ण हैं। पहली, भाजपा की शिकायत पर दर्ज FIR और पुलिस की जांच। दूसरी, अमित जोगी के निवास पर चस्पा नोटिस और पूछताछ की प्रक्रिया। तीसरी, पार्टी की ओर से 9 नवंबर को थाने में पेश होने का दावा।
पुलिस की जांच में वीडियो की वास्तविकता, उसके निर्माण और प्रसारण से जुड़े पहलुओं की पड़ताल होगी। अमित जोगी का बयान दर्ज होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
