Breaking : SC का ऐतिहासिक फैसला, सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री को मंजूरी


सुप्रीम कोर्ट ने आज शुक्रवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की प्रवेश पर लगी प्रतिबंध को हटा दिया है, अब हर उम्र की महिला इस मंदिर में प्रवेश कर सकेगी, पांच जजों की बेंच ने आज फैसला सुनाते हुए कहा कि धर्म के पालन का मौलिक अधिकार पुरुष और महिला को एक समान उपलब्ध हैं, बनी बनाई मान्यताएं इसके आड़े नहीं आनी चाहिए, बताया जा रहा है कि करीब 800 साल पुराने इस मंदिर में पिछले काफी समय से महिलाओं का प्रवेश वर्जित था |

बता दें कि केरल के सबरीमाला मंदिर में विराजमान भगवान अयप्पा को ब्रह्मचारी माना जाता है,इसके साथ ही, सबरीमाला की यात्रा से पहले 41 दिन तक कठोर व्रत का नियम है. मासिक धर्म के चलते युवा महिलाएं लगातार 41 दिन का व्रत नहीं कर सकती हैं. इसलिए, 10 से 50 साल की महिलाओं को मंदिर में आने की इजाज़त नहीं थी, जिन पर आज पांच जजों में से चार जजों ने फैसला सकते हुए कहा कि  ”महिलाएं दिव्यता और अध्यात्म की खोज में बराबर की हिस्सेदार हैं, बनी बनाई मान्यताएं इसके आड़े नहीं आनी चाहिए,इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि  समाज को भी सोच में बदलाव लाना होगा। महिलाएं पुरुषों के समान हैं, अयप्पा के अनुयायी अलग धार्मिक मत नहीं है ये हिन्दू धर्म का ही हिस्सा है.” कोर्ट ने कहा, ”धर्म के पालन का मौलिक अधिकार पुरुष और महिला को एक समान उपलब्ध हैं |

 सबको सामान अधिकार प्राप्त है 

5 जजों की बेंच के सदस्य जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने सुनवाई के दौरान कहा, “सबसे ज़रूरी ये है कि धार्मिक नियम संविधान के मुताबिक भी सही हो. कौन सी बात धर्म का अनिवार्य हिस्सा है, इस पर कोर्ट क्यों विचार करे? हम जज हैं, धर्म के जानकार नहीं.” जस्टिस रोहिंटन नरीमन ने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “धार्मिक नियमों के पालन के अधिकार की सीमाएं हैं, ये दूसरों के मौलिक अधिकार को बाधित नहीं कर सकते |

भेदभाव नहीं करना चाहिए 

सुनवाई के दौरान मुख्य पुजारी के वकील ने कहा, “इस बात को लेकर स्पष्टता होनी चाहिए कि एक विशेष आयु वर्ग की महिलाओं को आने से मना करने की वजह भेदभाव नहीं है, दूसरी बात ये है कि हिन्दू धर्म में मंदिर में स्थापित देवता का दर्जा अलग है, हर देवता की अपनी खासियत है, जब भारत का कानून उन्हें जीवित व्यक्ति का दर्जा देता है, तो उनके भी मौलिक अधिकार हैं. भगवान अयप्पा को ब्रह्मचारी रहने का अधिकार है. उन्हें निजता का मौलिक अधिकार हासिल है |

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

cgnews24 Team

CGNews24 Team अनुभवी पत्रकारों और उत्साही लेखकों का एक समर्पित समूह। हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ के स्थानीय मुद्दों से लेकर देश-दुनिया की प्रमुख घटनाओं की सबसे तेज़, सटीक और निष्पक्ष कवरेज 24x7 आप तक पहुँचाना है। हमसे जुड़ें: संपर्क करें (Email) | हमारी संपादकीय नीति पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

होमछत्तीसगढ़ खबरेंराजनीतिWhatsapp