लीलागर नदी में डूब रहे दो युवकों की बचाई जान, तीन युवकों के साहस को SSP ने किया सम्मानित

बिलासपुर। लीलागर नदी में डूब रहे दो युवकों की जान बचाने वाले तीन युवकों को बिलासपुर पुलिस ने सम्मानित किया है। तेज बहाव के बीच अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में उतरकर दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकालने वाले मोहन लाल केवट, महेश केवट और आदित्य केवट (करण) को एसएसपी रजनेश सिंह ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
जानकारी के मुताबिक, लीलागर नदी में दो युवक अचानक डूबने लगे थे। उन्हें मुश्किल में देखकर तीनों युवकों ने बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। तेज बहाव के बावजूद उन्होंने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए दोनों युवकों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया। समय पर की गई इस मदद से दोनों की जान बच गई।
जान की परवाह किए बिना नदी में उतरे
घटना के दौरान नदी का बहाव तेज था और दोनों युवकों की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही थी। ऐसे समय में मोहन लाल केवट, महेश केवट और आदित्य केवट ने अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना मदद के लिए आगे बढ़कर उन्हें बचाने का प्रयास किया। तीनों की तत्परता और साहस के चलते दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।
SSP ने प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
बिलासपुर पुलिस ने तीनों युवकों के इस साहसिक कार्य को मानवता और बहादुरी की मिसाल बताया। एसएसपी रजनेश सिंह ने तीनों से मुलाकात कर उनके कार्य की सराहना की और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
एसएसपी ने कहा कि संकट के समय अपनी जान की परवाह किए बिना किसी दूसरे व्यक्ति की मदद के लिए आगे आना साहस, संवेदनशीलता और मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण है। तीनों युवकों की तत्परता के कारण दो लोगों की जिंदगी बच सकी।
बिलासपुर पुलिस ने कहा कि ऐसे साहसिक और मानवीय कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी हैं और युवाओं को जरूरत के समय दूसरों की मदद के लिए आगे आने का संदेश देते हैं।
