बलौदा बाजार में हनी ट्रैप कांड का मुख्य आरोपी संकेत शुक्ला सरेंडर, पुलिस रिमांड में पूछताछ तेज
बलौदा बाजार, 15 अप्रैल 2026। जिले के बहुचर्चित हनी ट्रैप, ब्लैकमेलिंग और सेक्सटॉर्शन मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस केस के मुख्य आरोपी और लंबे समय से फरार चल रहे भाजपा नेता संकेत शुक्ला ने आखिरकार अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, बढ़ा दबाव
जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद संकेत शुक्ला पर कानूनी दबाव लगातार बढ़ रहा था। इसके चलते उसने बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायालय बलौदा बाजार में अपने अधिवक्ता के माध्यम से सरेंडर कर दिया।

पुलिस रिमांड में गहन पूछताछ
सरेंडर के तुरंत बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर रिमांड पर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी से पूरे हनी ट्रैप नेटवर्क, उसके संचालन, शामिल लोगों और पैसों के लेन-देन को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है।
2024 में हुआ था बड़े रैकेट का खुलासा
यह मामला वर्ष 2024 में सामने आया था, जब जिले में बड़े स्तर पर हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग रैकेट के संचालित होने का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि कुछ महिलाएं प्रभावशाली लोगों को जाल में फंसाकर आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाती थीं और फिर वायरल करने की धमकी देकर मोटी रकम वसूलती थीं।

चार से ज्यादा FIR, कई बड़े नाम जुड़े
अब तक इस मामले में चार से अधिक एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों, कारोबारियों, वकीलों और कुछ पत्रकारों के नाम भी सामने आए, जिससे मामला और हाई-प्रोफाइल बन गया।
महिलाओं की गिरफ्तारी, फिर जमानत
इस रैकेट में शामिल करीब आधा दर्जन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था, हालांकि बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई और फिलहाल वे बाहर हैं।

लाखों का लेन-देन
जांच में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह के जरिए लाखों रुपये का लेन-देन किया गया। कई लोगों से ब्लैकमेल कर बड़ी रकम वसूली गई, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
संकेत शुक्ला की भूमिका अहम
पुलिस के अनुसार, संकेत शुक्ला इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी है। उसकी गिरफ्तारी से मास्टरमाइंड और अन्य जुड़े लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं और नए नाम सामने आ सकते हैं। मुख्य आरोपी के सरेंडर के बाद यह हाई-प्रोफाइल मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।










