कलिंगा विश्वविद्यालय में रोबोटिक्स बूटकैम्प का शुभारंभ, 52 छात्राओं को मिलेगा STEM और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण

नया रायपुर, 10 अगस्त 2026। कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर में शासकीय विद्यालयों की छात्राओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित (STEM) के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक माह के ‘रोबोटिक्स बूटकैम्प फॉर गवर्नमेंट गर्ल स्टूडेंट्स – एनकरेज देम टुवर्ड्स STEM एजुकेशन’ का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद (NCSTC) और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), भारत सरकार के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का आयोजन कलिंगा विश्वविद्यालय के कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स एवं ड्रोन उत्कृष्टता केंद्र में किया जा रहा है। उद्घाटन कार्यक्रम में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, राखी, नया रायपुर की 52 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। उद्घाटन के साथ ही बूटकैम्प का पहला तकनीकी प्रशिक्षण सत्र भी शुरू हुआ।
कार्यक्रम में कलिंगा विश्वविद्यालय की प्रति-कुलपति डॉ. मोनिका सेठी शर्मा, कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी तथा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) की निदेशक डॉ. विजयलक्ष्मी उपस्थित रहीं।
प्रति-कुलपति डॉ. मोनिका सेठी शर्मा ने छात्राओं को निरंतर सीखने, जिज्ञासु बने रहने और नई चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि सीखने की निरंतर इच्छा, समर्पण और आत्मविश्वास सफलता की महत्वपूर्ण कुंजी हैं।
कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी ने बूटकैम्प के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है और आने वाले समय में रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं स्वचालन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने चीन यात्रा के दौरान चालक रहित वाहन में सफर करने का अनुभव साझा करते हुए छात्राओं को आधुनिक तकनीकों को समझने और प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
रोबोटिक्स की बुनियादी अवधारणाओं से हुई शुरुआत
बूटकैम्प के पहले तकनीकी सत्र का संचालन IQAC निदेशक डॉ. विजयलक्ष्मी ने किया। उन्होंने छात्राओं को रोबोटिक्स की मूलभूत अवधारणाओं से परिचित कराया और STEM शिक्षा के महत्व को सरल एवं संवादात्मक तरीके से समझाया। उन्होंने एक माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए छात्राओं से प्रत्येक सत्र में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, रचनात्मकता, समस्या समाधान क्षमता और तकनीकी आत्मविश्वास विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
बूटकैम्प के तकनीकी सत्र डॉ. विजयलक्ष्मी के नेतृत्व में संचालित किए जा रहे हैं, जबकि कार्यक्रम के समन्वय की जिम्मेदारी छात्र स्वयंसेवक आशुतोष कुमार और पीयूष श्रीवास्तव संभाल रहे हैं।
रोबोटिक्स से लेकर Arduino और Coding तक मिलेगा प्रशिक्षण
एक माह तक चलने वाले इस बूटकैम्प में छात्राओं को रोबोटिक्स, Arduino प्रोग्रामिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंसर, ऑटोमेशन, कोडिंग और प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय विद्यालयों की छात्राओं को आधुनिक तकनीकों से परिचित कराकर उनमें तकनीकी दक्षता और नवाचार की क्षमता विकसित करना है।
विश्वविद्यालय ने कहा कि यह पहल शासकीय विद्यालयों की छात्राओं को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ाने और STEM शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से छात्राओं को भविष्य के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, नवप्रवर्तकों और तकनीकी विशेषज्ञों के रूप में तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में IQAC के स्वयंसेवकों डॉ. अनीता वर्मा, डॉ. अमिता गौतम, अभिषेक कुमार गुप्ता, अश्वन कुमार साहू, हेमंत साहू, आदित्य विवेक वर्मा एवं पुष्पराज गेंदरे सहित छात्र स्वयंसेवकों आशुतोष कुमार, पीयूष श्रीवास्तव, सिम्पी कुमारी, विशेष सतपथी, विशाल राज, एमडी ऐमान शफी, प्रज्ज्वल व्यास, लक्की कुमार एवं एमडी ताविस अंसारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम का समापन छात्राओं एवं संकाय सदस्यों के साथ संवादात्मक सत्र के साथ हुआ। इसके साथ ही छात्राओं की एक माह की रोबोटिक्स एवं STEM प्रशिक्षण यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
